मनोरम झांकी के साथ निकली भव्य कलश शोभायात्रा
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 भागवत् महात्मय का श्रवण कर भावविभोर हुये श्रोता  श्याम मण्डल की ओर से आयोजन

श्याम मंदिर मे श्याम मंडल महिला इकाई के वैनर तले आयोजित सातदिवसीय श्रीमद्भागवत महाकथा का शुभारंभ श्रावण सोमवार के पावन दिवस पर भव्य कलश यात्रा के साथ शुरु हुआ। अपराह्न 3 बजे गांधी गंज स्थित राम – जानकी मंदिर से सैकड़ों श्रद्धालुओं के शीश पर सजे कलश की श्रृंखला के बीच भक्तिभाव से ओत प्रोत श्रीश्याम के नारे लगाते यजमानों के साथ कृष्ण – राधा की मनभावन झांकी भी साथ साथ नगर के बीच से गुजरी। कलश यात्रा की भव्यता का आकलन इसी से किया जा सकता है कि लोग सडकों पर ठहर कर श्रद्धा भाव से शीश पर कलश उठाये मातृशक्ति को निहारते दिखे। कथास्थल श्याम मंदिर पंहुच कलश की स्थापना के साथ यात्रा का समापन किया गया। भागवत महात्म्य पर प्रवचन श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पूर्व श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथाव्यास पं. अशोक कृष्ण शास्त्री ने यजमानों व श्रोताओं के बीच भगवत महात्म्य पर प्रकाश डालते हुये सत्संग को जीवन का मूल बताया। अपने संगीतमय प्रवचन में पं. अशोक कृष्ण शास्त्री ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण अत्यंत दुर्लभ है तथा भू- लोक पर पांच प्रकार के वर्णित अमृत (पंचामृत) के बाद छठा अमृत भागवतामृत ही है, जिसे श्रवण मात्र से जन्म – जन्मांतर के पातक नष्ट हो भगवतकृपा और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। व्यास जी ने श्रीमद्भागवत के महात्म्य का आगे वर्णन करते हुये बताया कि श्रीमद भागवत मे सात के अंक का महत्व भी बताया और इससे जुडी सप्तविधाओं पर भी प्रकाश डाला। पं. अशोक कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा के अनुसार राजा परीक्षित के समान ही हर प्राणी की मृत्यु सात दिवस के बीच ही होनी है और धुंधकारी के समान जिस आत्मा को किसी विधा से मोक्ष न मिले उसे केवल भागवत कथा श्रवण करने मात्र से मोक्ष प्राप्त हो जाता है। शास्त्रों के अनुसार भागवत कथा का आयोजन व श्रवण जन्म जन्म के संचित पुण्यों के उदय होने का संयोग व सौभाग्य है। शात्री जी ने कहा कि यदि सूर्य के प्रकाश से सृष्टि का अंधेरा मिटता है तो भगवत शरणांगति व सत्संग, मानव के अंतरतम के अंधकार को नष्ट करता है। सत्संग से सद्बुद्धि व सतचरित्र का निर्माण होता है और भौतिक विषयों से विरक्ति वैराग्य का मार्ग प्रशस्त होता है जिससे ईश्वर की शरणांगति प्राप्त होती है। भागवत महात्म्य पर प्रवचन के दौरान आचार्य अशोक कृष्ण शास्त्री ने नगर की मातृशक्ति द्वारा गठित सामाजिक इकाई व श्रीमद्भागवत कथा आयोजक श्याम मंडल महिला समिति के पुण्य आयोजन की सराहना करते हुये
साधुवाद दिया।

सोमवार के कथा प्रवचन के मुख्य यजमान नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी कैलाश अग्रवाल व उनकी धर्मपत्नी मंजू के साथ आयोजक श्याम मंडल महिला इकाई समिति की महिलाएं व बड़ी संख्या मे नगर के श्रद्धालु भक्तगणों की उपस्थिति रही।

News Reporter

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