सेक्सुअल हरेस्मेंट की शिकायत के 20 दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
Please Share the Post

कारवाई में विलंब से तार-तार हो रही बेटियों की इज्जत, उद्यान विभाग का मामला
रायगढ़। हमारा जिला बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के नाम से देश भर में अपनी पहचान बना चुका है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या रायगढ़ जिले में अब बेटियां सुरक्षित हैं। तो उत्तर है नहीं। ताजा मामला रायगढ़ के उद्यान विभाग का है। जहां एक महिला कर्मचारी अपने अधिकारी की अश्लील हरकतों को पिछले लंबे समय से इसलिए बर्दाश्त करती रही कि उसे नौकरी से निकाले जाने की धमकी मिलती थी। लेकिन जब आरोपी अधिकारी की मनमानियां बढऩे लगीं तो पीडि़ता ने अपने साथ होने वाले इस अत्याचार की शिकायत पुलिस और प्रशासन से की। लेकिन हुआ वही जिसकी कल्पना कर पीडि़ता अब तक अपने ऊपर होने वाले अत्याचार को सहन करती रही। पीडि़ता की ओर से शिकायत करने के बाद उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ गया। लेकिन पीडि़ता की शिकायत पर कार्रवाई २० दिन बाद भी नहीं हो सकी।
क्या है पूरा मामला
यह पूरा मामला रायगढ़ के उद्यान विभाग का है। जहां सहायक संचालक के पद पर निधानसिंह कुशवाह पदस्थ हैं। उन पर उनकी अधीनस्थ महिला कर्मचारी ने छेड़छाड़ और सेक्स की मांग सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बात की शिकायत पीडि़ता ने १८ जुलाई को पुलिस और २२ जुलाई को कलेक्टर जनदर्शन में भी की है। लेकिन आरोपी अफसर के रसूख और धनबल के आगे पीडि़ता की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अब तक न तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और न ही प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई हो सकी है। ऐसे में अब पीडि़ता न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है।
क्या कहती है पीडि़ता
इस मामले में पीडि़ता का कहना है कि उसके साथ पिछले दो साल से अब तक अश्लील बर्ताव अधिकारी कुशवाहा सर की ओर से किया जा रहा था। कई बार शिकायत करने का मन बनाया भी। लेकिन उनकी ओर से इस बात का भय बना कर रखा गया थि कि तुम डेली वेजेज की कर्मचारी हो। तुम्हें जब चाहूंगा तब नौकरी से निकाल दूंगा। छोटी से नौकरी को खोने के भय से उनकी हरकतों से बचते हुए केवल विरोध किया। लेकिन जब उनकी हरकतें हद पार करने लगीं तो मैंने पुलिस से शिकायत की। पीडि़ता ने बताया कि जिस दिन पुलिस ने कुशवाह सर को नोटिस थमाई उस दिन ही उसे नौकरी से निकाल दिया गया। अब न तो कार्रवाई हो रही है और न ही मेरे पास कोई काम बचा है।
उसने शिकायत की इसलिए मैंने निकाला
इस संबंध में हमने आरोपी अफसर से उनका पक्ष जानना चाहा। इस पर उन्होंने कहा कि पीडि़ता को सबसे पहले मेरे से शिकायत करनी थी। लेकिन उसने ऐसा न कर पुलिस से शिकायत कर दी। इसलिए मैंने उसे नौकरी से निकाल दिया। उसकी ओर से लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।
अधिकारी से बातचीत के अंश-
रिपोर्टर- जो केस था उस संबंध में आपका पक्ष जानना चाह रहा था।
अधिकारी– अच्छा………।
रिपोर्टर- जो शिकायत पीडि़ता की ओर से की गई है उस पर आपकी प्रतिक्रिया जानना चाह रहा था
अधिकारी- तो क्या बताना है…बताओ…।
रिपोर्टर- जो आरोप लगे हैं वो कितने हद तक सही हैं।
अधिकारी- आरोप तो सही नहीं हैं भई…वो तो गलत है।
रिपोर्टर- और जो नौकरी से निकालने वाली बात थी…कि शिकायत के बाद आपने पीडि़ता को नौकरी से निकाल दिया है।
अधिकारी- वो तो हमने उसी दिन बंद कर दिया उसको।
रिपोर्टर- कब?
अधिकारी- 26 तारीख को।
रिपोर्टर- पीडि़ता की रिपोर्ट थी कि आपके द्वारा उसके साथ कुछ छेड़छाड़ की जा रही थी। उसने जब इस बात की शिकायत एसपी से की तो आपने उसे नौकरी से निकाल दिया।
अधिकारी- हां तो हमने तो इसीलिए उसी दिन उसे निकाल दिया। जिस दिन पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। ऐसा झूठा आरोप उसने मुझ पर क्यों लगाया। पुलिस में जाने से पहले कमसे कम वह मेरे से एक बार बात कर लेती। शिकायत झूठी है।
पुलिस ने यह कहा –
अभी शिकायत पर जांच चल रही है, जांच पूरी होने पर जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस शिकायत पर कार्रवाई में इतना विलंब क्यों हुआ मैं इसे दिखवाता हूं।
हरीश राठौर, एडिशनल एसपी

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *