पड़ोसी राज्य व जिलों के भरोसे शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना
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ग्रामीण क्षेत्रों के 127602 और 4665 शहरी क्षेत्र के हितग्राहियों को कराना होगा गहन चिकित्सा तो जाना पड़ेगा जिले या राज्य से बाहर
जशपुरनगर। लोगों को अच्छे अस्पतालों में उचित लाभ और नि:शुल्क उपचार की सुविधा प्रदान कराने के लिए आयुष्मान भारत योजना की शुरुवात की गई है, लेकिन जशपुर में जिले में इस योजना की शुरुवात पड़ोसी जिले और पड़ोसी राज्यों के भरोसे ही किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इसके पात्र हितग्राहियों को देश के सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में उपचार कराने की सुविधा प्रदान की गई है। लेकिन इस योजना का लाभ हितग्राहियों को जिले में पर्याप्त नहीं मिल पा रहा है। इस योजना के तरह यदि किसी मरीज को लंबी बीमारी का उपचार कराने की आवश्यक्ता पड़ जाए तो उसे इस योजना के अंतर्गत लाभ लेने के लिए पड़ोसी राज्य या पड़ोसी जिलों के अस्पतालों के भरोसे रहना पड़ेगा। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा लोगों के लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। इसी के अंतर्गत सरकार ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए भी आयुष्माान भारत योजना का क्रियान्वयन किया है। इस योजना के पहले प्रदेश सरकार के द्वारा स्र्माट कार्ड योजना संचालित कर रही थी। इसी योजना के अंतर्गत प्रदेश के अस्पतालों में स्र्माट कार्ड वाले हितग्राहियों को उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। जिससे कारण लोग प्रदेश के बड़े अस्पतालों में असानी से अपना उपचार करा लेते थे। इस योजना के बाद केद्र सरकार के द्वारा 15 सितम्बर 2018 से योजना प्रारंभ कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के 127602 हितग्राही एवं 4665 शहरी क्षेत्र के हितग्राहियों का चयन केंद्र के द्वारा किया गया है वहीं 69804 हितग्राहियों को भी आयुष्मान भारत का लाभ मिलेगा। चयनित हितग्राही आयुष्मान योजना के अंतर्गत देश के किसी भी अस्पतालों में जाकर अपना नि:शुल्क उपचार करा सकते हैं। इस योजना के प्रारंभ हो जाने के बाद गरीब तबके के लोगों को उपचार कराने में आसानी हो गई है।
चिकित्सकों की कमी से नहीं मिल रहा लाभ: जिले में आयुष्मान योजना की शुरुवात तो कर दी गई है। योजना की शुरुवात करने के पूर्व में योजना के संबंध में प्रचार प्रसार कर लोगों को इस योजना की पूरी जानकारी दे दी गई है। इस योजना के हितग्राही किसी प्रकार की भी बिमारी का उपचार नि:शुल्क करवा सकते हैं। लेकिन इस योजना का पर्याप्त लाभ जिले के हितग्राहियों को जिले में ही नहीं मिल पा रहा है, क्योकि जिले में चिकित्सको की कमी बनी हुई है,जिसके कारण आज भी लोगों को अपना उपचार कराने के लिए पड़ोसी राज्य या फिर पड़ोसी जिलों में निर्भर रहना पड़ता है। मिली जानकारी के अनुसार जिले में विशेषज्ञ चिकित्सको की 60 पद स्वीकृत है जिसमें से मात्र 8 कार्यरत हैं और 52 पद रिक्त पड़ा हुआ है।
अब तक 3144 ही पहुंचे आईपीडी में- जिले में 202071 हितग्राहियों का चयन आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किया गया है। इन हितग्राहियों को अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। योजना के प्रारंभ होने के बाद पूरे जिले में मात्र 3144 हितग्राही अस्पताल पंहुचे हैं।

वहीं अस्पताल पंहुचने वाले हितग्राहियों का उपचार कराने के बाद अस्पताल के द्वारा उसका क्लेम भी करना है। लेकिन जिले के अस्पताल आयुष्मान योजना का क्लेम ही नहीं कर रहे हैं। 3144 हितग्राहियों में अभी तक मात्र लगभग 30 हितग्राहियों का ही क्लेम पूरे जिले में हो पाया है। इससे साफ जाहिर है कि जिले में इस योजना को लेकर अधिकारी और कर्मचारी गंभीर नहीं हैं।

News Reporter

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