दूसरा वनडे टाई रहने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की वापसी के साथ गेंदबाजी में बेहतर प्रदर्शन के इरादे से उतरेगी
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विंडीज के जुझारू प्रदर्शन के दम पर दूसरा वनडे टाई रहने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब से कुछ घंटे बाद तीसरे डे-नाइट मुकाबले में उतरेगी, तो भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की वापसी के साथ गेंदबाजी में बेहतर प्रदर्शन के जरिए उसका इरादा बढ़त दोगुनी करने का होगा. भारत ने पहले मैच में वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराया जबकि विशाखापट्टनम में दूसरा वनडे वेस्टइंडीज ने आखिरी गेंद पर टाई कराया था. भुवनेश्वर और बुमराह की गैर मौजूदगी में भारत ने दोनों मैचों में कैरेबियाई टीम को 320 अधिक मौका दे दिया. अब दोनों की वापसी से पावरप्ले और डैथ ओवरों में भारत का प्रदर्शन बेहतर होगा. इंग्लैंड में अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले भारत को सिर्फ 16 वनडे और खेलने हैं. ऐसे में मध्यक्रम की अस्थिरता और निचले मध्यक्रम के बल्लेबाजों के प्रदर्शन में निरंतरता के अभाव जैसे मसलों से कप्तान विराट कोहली को पार पाना होगा. सचिन तेंदुलकर का रिकार्ड तोड़कर सबसे तेज 10000 वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बने कोहली टीम के प्रदर्शन की धुरी रहे हैं. उन्होंने लगातार दो शतक (140 और नाबाद 157) बनाए और अब तक 297 रन जोड़ चुके है. उनकी नजरें एक और बड़ी पारी पर लगी होंगी. अंबाती रायुडू ने 73 रन बनाकर चौथे नंबर पर अपना दावा मजबूत कर लिया. अब सवाल पांचवें, छठे और सातवें नंबर का है. महेंद्र सिंह धोनी (20) दूसरे वनडे में भी नहीं चल सके और उन पर अपनी उपयोगिता साबित करने का काफी दबाव होगा. ऋषभ पंत से भी बड़ी पारी की उम्मीद है. टीम प्रबंधन उन पर भरोसा अभी कायम रख सकता है. भारत में दिन रात के मैचों में ओस की भूमिका अहम है. कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल जैसे स्पिनरों को ओस के कारण गेंद पर पकड़ बनाने में दिक्कत हो रही थी. सीनियर स्पिनर रविंद्र जडेजा को अगर विश्व कप टीम में जगह पानी है तो लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. दूसरी ओर कैरेबियाई टीम के लिये युवा शिमरोन हेटमेयर श्रृंखला की खोज साबित हुए हैं जिन्होंने 106 और 94 रन की पारियां खेली. वह एक बार फिर भारतीय गेंदबाजों के लिये सिरदर्द बन सकते हैं. विकेटकीपर बल्लेबाज शाइ होप ने पिछले मैच में शतक जमाकर साबित कर दिया कि वह अपने दम पर मैच का पासा पलट सकते हैं. वेस्टइंडीज को हालांकि कीरोन पावेल, चंद्रपाल हेमराज और रोवमैन पावेल से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी. मर्लोन सैमुअल्स और कप्तान जासन होल्डर भी आशातीत प्रदर्शन नहीं कर सके हैं. गेंदबाजी में केमार रोच महंगे साबित हुए और स्पिनर देवेंद्र बिशू तथा एशले नर्स ने भी रन लुटाए. कोहली के बल्ले पर अंकुश लगाना उनके लिये बड़ी चुनौती होगी.

News Reporter

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