डर और कहर के साए में खरसिया का मतदाता
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 क्या यहां कानून ने काम करना बंद कर दिया है

रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा में शायद कानून ने अपना काम करना बंद कर दिया है। इसलिए लोगों को अपने साथ होने वाले अच्छे बुरे व्यवहार के लिए खुद कानून को हाथ में लेना पड़ेगा। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि इस विधानसभा से भाजपा के कोटे से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी ओपी चौधरी कह रहे हैं। कानून की किताब में बताया जाता है कि यदि किसी ने आपके साथ गलत व्यवहार किया है तो आप कानून की मदद लीजिए, ना कि कानून को अपने हाथ में लीजिए। लेकिन खरसिया में कानून की किताब के हिसाब से कुछ भी नहीं चल रहा है। यहां भाजपा के प्रत्याशी की ओर से खुलेआम यह कहा जा रहा है कि वो अपने विरोधियों पर कहर बनकर टूटेगें। मतलब साफ है कि जो व्यक्ति ओपी के हिसाब से सही होगा। उसका वो साथ देंगे और जो व्यक्ति ओपी की ओर से बनाये गये पैमाने में फिट नहीं होगा, उसपर वो कहर बनकर टूटेगें। कहर शब्द काफी गंभीर है। इस शब्द को सुनकर ही गंभीर अपराध के घटित होने का आभास होने लगता है। चुनाव का समय है, आचार संहिता भी लगी है। और खरसिया विधानसभा में भाजपा का प्रत्याशी कहर बरसाने याने कानून की धज्जियां उड़ाने की बात कर रहे हैं। इस मामले में प्रशासन भी खामोश है। आने वाले दिनों में प्रत्याशियों के असली चेहरे ज्यादा दिखेंगे। इसलिए मतदाता तय कर ले कि वह किसे सपोर्ट करेगी।
कहीं टूट न पड़े मतदाताओं का कहर
राजनीति में नये-नये आये ओपी चौधरी भले ही खुले मंच में अपनी तरीफों के पुल बांधते हुए कहर बरसाने की बात कर रहे हों। लेकिन बस कुछ ही दिनों में वह वक्त भी आ जायेगा, जो मतदान का दिन होगा और जनता बेलगाम जनप्रतिनिधियों को समर्थन न देकर अपना कहर बरसायेगी।
बयान में लगाया कांग्रेस पर आरोप
ओपी चौधरी इस पूरे मामले से खुद को बचाते रहे, लेकिन बाद में कहा कि यह सब कांग्रेसियों की चाल है। मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। यह कांग्रेस की फितरत में है।

News Reporter

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