चुनाव में वाहन अधिग्रहण, विभाग को छूट रहा पसीना
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प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है। पहले चरण में आठ जिलों की 18 विधानसभा सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए सेंट्रल आर्म्स पुलिस फोर्स की 500 कंपनियां प्रदेश में दस्तक दे चुकी हैं। जवानों को सुरक्षित मतदान स्थल तक पहुंचाने के लिए कुल तीन हजार गाडिय़ों का अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया गया है। लेकिन चुनाव के दौरान जिलों में अधिकारियों को वाहन मुहैया कराना शासन के लिए चुनौती साबित हो रही है। इसलिए शासन चुनाव के दौरान इच्छुक व्यक्तियों को गाड़ी लगाने की अपील करते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इच्छुक व्यक्ति 99260-42893, 9406052400 पर फोन कर अपनी गाड़ी चुनाव ड्यूटी में लगा सकते हैं। चुनाव ड्यूटी में वाहन लगाने वाले मालिकों को वाहन का किराया सीधे उनके खाते में ऑनलाइन दिया जाएगा।
प्रदेश में पहले चरण के मतदान की तारीख नजदीक आ रही है। वैसे-वैसे पूरा प्रदेश चुनावी रंग में रंग रहा है। शांतिपूर्ण चुनाव कराना शासन के लिए कड़ी चुनौती है। जवानों की एक कंपनी को 2 बस, एक ट्रक, एक मध्यम माल वाहक तथा बेलोरो, इनोवा, सफारी जैसी एक गाड़ी उपलब्ध कराई गई है। अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक कंपनी को छह से सात गाडिय़ां उपलब्ध कराई गई हैं। वर्तमान में चुनाव के दौरान जिले के अधिकारियों को बेलेरो, सूमो, सफारी, विस्टा, इनोवा जैसी गाडिय़ों की कमी होने लगी है।
ऐसी गाडिय़ों की खोज विभाग ने शुरू कर दी है। अधिग्रहण के बाद वाहनों को दर के आधार पर सीईओ कार्यालय के आदेशानुसार भुगतान किया जाएगा। राज्य में करीब पांच हजार निजी बस चलती हैं। फोर्स को गाड़ी मुहैया कराने के लिए गाडिय़ों के अधिग्रहण से यात्री गाडिय़ों की संख्या कम हो गई है। वहीं त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है। दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों से बसों की संख्या कम हो गई है। कुछ बसें ही चल रही हैं, जिसमें क्षमता से तीन गुनी सवारी भरी जा रही है। यात्रियों को लटककर यात्रा करना पड़ रहा है।

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