अवैध उत्खनन के भरोसे चल रहे जिले में सरकारी निर्माण कार्य
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 पर्यावरण को रहे नुकसान को रोकने गंभीर नहीं अधिकारी
जिले में गौण खनिज का अवैध उत्खन्न गंभीर रूप धारण करता जा रहा है। मिट्टी,मुरूम जैसे इन खनिजों का सरकारी और निजी निर्माण कार्यो में खुलकर प्रयोग किया जा रहा है। इस अवैध उत्खनन की वजह से वन और कृषि योग्य जमीन गड्ढे में तब्दील होते जा रहे हैं। अवैध उत्खनन रोकने के नाम पर खनिज विभाग संबंधित विभाग से रायल्टी और जुर्माना राशि की वसूली तक खुद को समेटे हुए हैं। पर्यावरण को रहे नुकसान की ओर ना तो वन विभाग ध्यान दे रहा है और ना ही खनिज विभाग। जिले में उखनन के लिए सर्वोच्च न्यायालय और ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा-निर्देश कागजों में सिमटे
हुए हैं।
जनजातिय बाहुल्य जशपुर जिले में उत्खनन उद्योग का तीखा विरोध रहा है। नतीजा,जिले की धरती में मौजूद सोना,हीरा और बाक्साइट जैसे बहुमूल्य खनिजों का उत्खनन अब तक शुरू नहीं हो सका है। इन खनिजों को लेकर जब-जब सरकारों ने सर्वे का काम शुरू किया है,जिले में विवाद और आंदोलन का दौर शुरू हुआ। लेकिन गौण खनिज के उत्खनन से हो रहे पर्यावरण की क्षति को अब तक इस जिले में गंभीरता से नहीं लिया गया है। सर्वोच्च न्यायालय और ग्रीन ट्रीब्यूनल के कड़े रूख के बाद रेत उत्खनन पर तो अंकुश लगता नजर आ रहा है,लेकिन मिट्टी और मुरूम उत्खनन अब भी उसी बेकाबू रफ्तार से चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्टेट हाईवे, पंचायत स्तर पर होने वाले निर्माण कार्यो में मिट्टी और मुरूम की आवश्यकता होती है। अधिकांश निर्माण कार्यो के लिए ठेकेदार और संबंधित विभाग निर्माण स्थल के आसपास से ही खुदाई कर इसका प्रयोग करते हैं। इस दौरान वन्य क्षेत्र और कृषि भूमि की भी बेहद अवैज्ञानिक तरीके से खुदाई कर दी जाती है। इस अवैध खुदाई से कई हरे पेड़ भी धाराशाई हो जाते हैं। लेकिन इस ओर ना तो निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सम्हालने वाले विभाग के अधिकारी ध्यान देते हैं और ना ही वन विभाग। जिले में गौण खनिज के इस अवैध उत्खनन को रोकने की जिम्मेदारी खनिज विभाग की है। लेकिन प्रभारी अधिकारी के भरोसे चल रहे इस विभाग के अधिकारियों ने स्वयं को रायल्टी और जुर्माना राशि की वसूली तक सीमित करके रखा हुआ है। अवैध उत्खनन को लेकर कड़ाई करने से विकास कार्य प्रभावित होने की दुहाई देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। जिला मुख्यालय के आसपास की ही बात की जाए तो कुनकुरी से लोदाम के बीच निर्माणाधीन कटनी गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग, देवीडडग़ांव पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य में मिट्टी और मुरूम का बड़ी मात्रा में उपयोग किया जा रहा है।

लेकिन इसका उत्खनन ठेकेदारों द्वारा किस जगह से किया जा रहा है,इसकी जानकारी लेने के लिए अब तक कोई अधिकारी सामने नहीं आया है।

News Reporter

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