जिले भर में नदियों से हो रहा रेत का अवैध उत्खनन, अधिकारी साधे हैं मौन
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इन दिनों जिले की नदियों से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जोरों पर है। प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे से बेखौफ होकर लोग रेत का उत्खनन कर परिवहन कर रहे हैं। नदियों से रेत का अवैध उत्खन्न करने वाले लोग सभी पर्यावरण संबंधी नियमों को दर किनार कर नदियों के साथ खिलवाड़ कर ने से पीछे नहीं हट रहे हैं। जिले की नदियों से इन दिनों लोग बेखौफ हो कर रेत का अवैध तरीके से उतखन्न करने में लगे हुए हैं। इनके द्वारा ना तो नियमों का पालन किया जा रहा है और ना ही शासन के द्वारा निर्धारित रायल्टी पटाया जा रहा है। यहां तक विभाग भी इन पर कार्रवाई करने में कोई रुची नहीं दिखा रहा है। विभागीय अमला के सक्रिय नहीं होने के कारण लोग आसानी से अवैध तरीके से रेत का उत्खन्न कर रहे हैं। जिला मुख्यालय में स्थित कुजरी नदीं में इन दिनों बेखौफ होकर रेत का अवैध उत्खन्न किया जा रहा है। इस नदी को कुजरी गांव के लोगों ने अपने कब्जे में कर रखा है। नदी में जगह-जगह रेत के ढेर लगे हुए हैं। सुबह होते ही लोग ट्रेक्टर को लेकर नदी में पंहुच जाते हैं और परिवहन करना शुरू कर देते हैं। बताया जाता है कि कुजरी नदी से अवैध तरीके से रेत निकालने का काम सुबह 5 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक बेखौफ होकर किया जाता है। प्रतिदिन से नदी से लगभग 70 से 80 ट्रेक्टर रेत का परिवहन किया जाता है।

गांव वाले प्रत्येक ट्रेक्टर लेते हैं 50 रुपए- कुजरी नदी से रेत निकालने की अनुमति खनिज विभाग के द्वारा जारी किया गया है और इस नदी से रेत का परिवहन करने के लिए लोगों को रायल्टी भी देना पड़ता था। नदी से रेत का परिवहन करने वालो से ग्राम पंचायत के सरपंच के द्वारा रायल्टी लिया जाता था और बकायदा उन्हें रायल्टी का रसीद भी दिया जाता था। लेकिन कुछ माह पूर्व से सरपंच के द्वारा किसी से भी रायल्टी नहीं लिया जा रहा है। कुजरी नदी से रेत लेने आने वाले ट्रेक्टरो से गांव के ही कुछ लोगों के द्वारा प्रत्येक ट्रेक्टर 50 रुपए के हिसाब से लिया जाता है और उस रुपए के बदले में ट्रेक्टर चालको को किसी प्रकार का कोई रसीद भी नहीं दिया जाता है। इस संबध्ंा में जब गांव के एक युवक से पुछताछ किया गया तो उसने बताया कि पूर्व में गांव के सरपंच के द्वारा रायल्टी लिया जाता था, लेकिन रायल्टी रसीद खत्म हो जाने के बाद सरपंच ने रायल्टी लेना बंद कर दिया। सरपंच के द्वारा रायल्टी लेने से बंद कर दिए जाने के बाद नदी में रेत लेने आने वाले ट्रेक्टरों से गांव के ही युवको के द्वारा प्रत्येक ट्रेक्टर 50 रुपए की वसूली की जाती है।
नदी के पास का सड़क हो गया जर्जर- कुजरी नदी से रेत का परिवहन करने के लिए प्रतिदिन 70 से 80 ट्रेक्टरों का आवागमन होता है। प्रतिदिन ट्रेक्टरों के आने और रेत भर कर निकलने से नदी के पास तक पंहुचने वाला मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो गया है।

इस मार्ग में दो पहिया वाहन भी बड़ी मुश्किल से निकल पाता है। रेत लोड़ कर ट्रेक्टरो के अवागमन करने के कारण ही सड़क पूरी तरह से जर्जर हो गई है।
विभाग नहीं करता कोई कार्रवाई : खनिज विभाग के द्वारा अवैध रेत उत्खन्न के मामले में कोई कार्रवाई नहीं करता है। जब अवैध रेत उत्खन्न का मामला प्रकाश में आता है तो विभाग के द्वारा एक दो दिनो तक कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर उनसे जुर्माना वूसली कर अपनी खाना पूर्ती कर लेता है। उसके बाद विभाग के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने के कारण्ण फिर से लोग बेखौफ होकर अवैध उत्खन्न करने में लग जाते हैं।

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