ड्यूटी के समय ओपीडी से नदारद रहते हैं डॉक्टर, मरीज करते हैं घटों इंतजार
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जशपुर का जिला अस्पताल आए दिन किसी ना किसी विवादों में घिरा रहता है। सबसे अधिक शिकायत रहती है कि ओपीडी में समय पर डॉक्टर नहीं बैठते। इसके लिए स्वयं कलक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने भी चिकित्सकों को समय पर अस्पताल आने की हिदायत दी थी साथ ही कुछ पहल भी की थी। पर उसका असर भी जिला अस्पताल में होता नहीं दिखता। जिला अस्पताल में डॉक्टर्स समय पर आएं इसके लिए प्रशासन ने करीब साल भर पहले एक नई पहल शुरू की थी, जिसके तहत सभी डॉक्टर्स को ओपीडी खुलने के समय सुबह 8 बजे अपने चैंबर में पहुंचकर वहां सेल्फी खींचकर प्रशासन के वाट्सएप ग्रुप में शेयर करना था। लेकिन प्रशासन की यह पहल भी कारगर साबित नहीं हुई। यहां के ओपीडी में डॉक्टर्स के आने का कोई समय नहीं है। शनिवार को भी सुबह 11 बजे जिला अस्पताल में केवल दो चिकित्सक ही ओपीडी में मरीजों को देखते मिले। जबकि अधिकांश डॉक्टरों के चेंबर खाली पड़े हुए थे। जिनका बाहर मरीज सुबह से उनका इंतजार कर रहे थे। मरीजों का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। यहां हमेशा मरीज समय पर आकर डॉक्टर्स का इंतजार करते रहते हैं। अगर डॉक्टर वार्डों में राउंड भी लें, तो अधिक से अधिक एक घंटे में राउंड खत्म हो जाता है। लेकिन डॉक्टर्स के अधिकांश चेंबर 9 से 10:30 बजे तक खाली ही रहते हैं।
बायोमैट्रिक्स लगने के बाद भी लापरवाही: जिला अस्पताल में बायोमैट्रिक्स सिस्टम लगा हुआ है और डाक्टरों और कर्मचारियों को अपने ड्यूटी में पंहुचने पर उसमें अपना अंगूठा का निशाना लगाना पड़ता है। बायोमैट्रिक्स के माध्यम से यह पता चल जाता है कि कौन अधिकारी कर्मचारी किस दिन अपने समय में ड्यूटी पर आया था या फिर लेट आया था। अस्पताल प्रबंधन के द्वारा बायोमैट्रिक्स सिस्टम का भी सतत निगरानी नहीं किए जाने के कारण भी डाक्टर अपनी मनमानी करते हैं और बायोमैट्रिक्स लगे होने के बावजूद भी वे लापरवाही करने से नहीं चूक रहे हैं। इससे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
रोजाना ओपीडी में आते हैं 350 से 400 मरीज : जिले का सबसे बड़ा जिला अस्पताल में यहां हर रोज विभिन्न बीमारियों का उपचार कराने ओपीडी में करीब 350 से 400 मरीज पहुंचते हैं, लेकिन समय पर डॉक्टरों के नहीं मिलने के कारण उन्हे लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। शनिवार को ब्लड प्रेशर की इलाज के लिए आए एक बुजुर्ग मरीज ने बताया कि वे करीब डेढ़ घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहैं हैं। डॉक्टर का रूम खुला है लेकिन डॉक्टर अपने चैंबर में नहीं बैठे हैं। जिला अस्पताल में 16 डॉक्टर नियुक्त हैं। शुक्रवार को जिनमें से मेडीसिन विशेषज्ञ डॉ एफ खाखा सिविज सर्जन के प्रभार में हैं और वे रायपुर गई हुई थी वहीं एक डाक्टर पत्थलगांव रक्तदान शिविर में गई हुई थी और एक डाक्टर का रात्रीकालिन ड्यूटी होने के कारण वे अस्पताल नहीं आए थे।

News Reporter

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