सब्जियों के बम्पर उत्पादन ने बढ़ाई किसानों की चिंता
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मंडियों में रेट नहीं मिलने से हो रहा नुकसान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सब्जियों का उत्पादन करने वाले किसानों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। इस बार कई प्रकार की सब्जियों का बम्पर उत्पादन हो रहा है, जिससे उनके कीमतों में भारी कमी आई है। जिसके कारण मंडियों में किसानों द्वारा बेची जा रही सब्जियों का उचित भाव नहीं मिल पा रहा है जो किसानों की परेशानी का सबब भी बना हुआ है। ज्ञात हो कि पिछले साल भी इसी तरह सब्जियों के बम्पर उत्पादन के कारण सब्जियों की कीमतों पर भारी गिरावट आई थी, जिसके कारण किसानों को मंडियों में सब्जियों का उचित भाव नहीं मिलने के कारण नुकसान सहन करना पड़ा था। मंडियों में सब्जियों की उचित कीमतें नहीं मिलने एवं नुकसान होने के कारण प्रदेश के कई जिलों में किसानों द्वारा सब्जियां सड़कों पर फेंककर, नि:शुल्क बंटवाकर इसका विरोध भी जताया था। पिछले साल की तरह इस बार भी प्रदेश में कई प्रकार की लोकल सब्जियों का बम्पर उत्पादन हो रहा है। जिसके कारण सब्जियां की कीमतें आधे से कम हो गई है। जिन सब्जियों का बम्पर उत्पादन हुआ है उनमें शिमला मिर्च, टमाटर, भिंडी, भाटा, लौकी, फूल गोभी, नवलगोल, पत्ता गोभी, मुली, गाजर, हरा पत्ता धनिया, हरी मिर्च सहित अन्य कई प्रकार की सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट आई है। शिमला मिर्च चिल्हर में जहां 20 से 25 रूपये प्रति किलो में बिक रहा है तो वहीं थोक में 5 रूपये प्रति किलो तक बिक रहा है। टमाटर के भाव भी चिल्हर में क्वालिटी के अनुसार 10 से 20 रूपये एवं थोक में 3 रूपये से लेकर 5 रूपये तक बिक रहा है।

News Reporter

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