प्लीज सारे पैसे ले लो पर मुझे चोर मत कहो:माल्या
Please Share the Post

नई दिल्ली । भारतीय बैंकों से करोड़ों रूपए का लोन लेकर विदेश भागा शराब कारोबारी विजय माल्या ने आज फिर से बैंकों का सारा कर्ज वापिस देने की बात कही है। माल्या ने ट्वीट कर कहा कि उनके प्रत्यर्पण के फैसले को लेकर कई तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं। जो कि एक अलग मामला है और वह पूरा पैसा लौटाने को तैयार हैं।
माल्या ने ट्वीट के जरिये भारतीय बैंकों और सरकार से अपील करते हुए कहा कि उसका प्रस्ताव मान लिया जाए। माल्या ने एक बार फिर कहा, प्लीज मेरे पैसे ले लीजिए। इसके साथ ही माल्या ने कहा कि वह उन किस्सों को खत्म करना चाहते हैं कि वे बैंकों का पैसा लेकर भाग गए हैं। माल्या ने कहा कि वह इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके प्रत्यर्पण का निर्णय या दुबई से हालिया प्रत्यर्पण या फिर समझौता प्रस्ताव आपस में कैसे जुड़े हैं। माल्या ने कहा, जहां कहीं भी मैं फिजिकली उपस्थित हूं, मेरी अपील है कृपया ले लें। मैं इस बात को खत्म करना चाहता हूं कि मैंने पैसा चुराया है। भारतीय बैंकों का अरबों रुपये लेकर ब्रिटेन भागे माल्या का ये बयान क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण के चंद घंटे बाद ही आया है। माल्या के प्रत्यर्पण पर फैसला चार दिन बाद आने वाला है। किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिये भारत सरकार से इस पेशकश को स्वीकार करने का निवेदन किया। इससे पहले बुधवार को उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि वह अपराधी नहीं हैं। उन्हें भारत में अपराधी माना जा रहा है, तीन दशक तक किंगफिशर ने भारत में कारोबार किया है। इस दौरान उन्होंने कई राज्यों की मदद भी की है। उन्होंने कहा कि किंगफिशर एयरालाइंस के लगातार घाटे में जाने से उन्हें दुख है। वह सभी बैंकों का मूलधन देने के लिए तैयार हैं लेकिन ब्याज नहीं दे सकते।
वहीं विजय माल्या ने अगस्ता वेस्टलैंड चॉपर डील मामले के बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण का खुद से किसी तरह के कनेक्शन होने से साफ इनकार किया है। माल्या ने ट्वीट किया कि उनके मामले और कर्ज चुकाने के ऑफर को आपस में जोड़कर न देखा जाए।

बता दें कि भारत का करीब 9000 करोड़ रुपये लेकर देश से भागे 62 वर्षीय माल्या के प्रत्यर्पण पर 10 दिसंबर को ब्रिटिश कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया जाना है।
००

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *