दयाल वाटिका में बह रही है महायज्ञ, संत सम्मेलन व श्रीमद भागवत कथा की बयार
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यज्ञ वेदी की परिक्रमा से मिलता है पुण्य : हरिहरानंद

देवी सम्पद मण्डल रायगढ़ ईकाई द्वारा आयोजित स्थानीय दयाल वाटिका में श्री हरिहरात्मक महायज्ञ, संत सम्मेलन एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीस दिवस प्रात: पूज्य सद्गुरूदेव परमहंस शारदानंद सरस्वती द्वारा साक्षात देव रूप में दिव्य रूद्राभिषेक वैदिक विधी विधान से संपन्न कराया। उक्त अवसर पर याज्ञिक पंडितों द्वारा रूद्राष्टाधायी का सस्वर पाठ करते हुए रूद्राभिषेक संपन्न कराया। इस पावन पुनीत अवसर पर सद्गुरूदेव ने अपने आर्शीवचन से पवित्र धारा बहाते हुए कहा कि करलो सो काम भज लो सो राम,हम अपने जीवन में भगवान का नाम लेते है भजन करते है भगवान का नाम लेते रहना हमारा काम है।
सुबह 9 बजे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास पं. कमलाकांत पाण्डेय ने अपनी मधुरवाणी से कथा सुनाते हुए कहा कि कपिल मुनि ने अपनी माता को धर्म एवं भक्ति का प्रभाव बताते हुए कहा है कि आर्त अर्थात करूण स्वर में भगवान को पूकारना आंखों में अश्रु प्रभावित है तभी भक्ति परिपूर्ण होता है। दूसरा चरण है जिज्ञासा जानने की इच्छा, तीसरा चरण है अथार्थ किसी उददे्श्य के लिए चौथा चरण है ज्ञानी अर्थात कोई कामना ना हो।
संतश्री ने कपिल मुनि की कथा सुनाते हुए कहा कि कपिल मुनि अपने माता को भक्ति का ज्ञान उपदेश दिया तो माता देवहुति सिद्धिका नाम की नदी बन गई जिसमें कपिल मुनि ने आचमन किया और चल दिये गंगा सागर में कपिल मुनि का मंदिर आज भी है। यज्ञ मंडप पर याज्ञिक मुनियों ने इक्कीस कुण्डिय यज्ञ वेदी पर सस्वर पाठ यज्ञ का आयोजन कराया। पूरे इक्क्ीस कुण्डिय यज्ञ के धुए से पूरा वातावरण भर गया। ऋषि अत्रि मुनि से अनसुईया का विवाह हुआ जिन्होंने ऊ मंत्र का उच्चरण की गई वही अनसुईया महान तो हुई जिन्होंने तीनों देवो ब्रम्हा, विष्णु एवं महेश को बाल रूप में स्तनपान करायी। तीनों देवों के महादेवियों ने एक वर्ष पश्चात सती अनसुईया से अपने पतियों को वापस पायी। संतश्री ने शिव विवाह प्रसंग एवं भक्त ध्रुव चरित्र की कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। संतश्री ने कहा कि जीवन में यदि सद्गुरू मिल जाये तो जीवन धन्य हो जाता है। इसलिये यदि सत्गुरू मिल जाये तो उनके चरणों में पूर्ण समर्पण करना चाहिए। श्री हरिहरात्मक महायज्ञ समिति के संयोजक हरविलाश अग्रवाल अध्यक्ष अजय अग्रवाल, प्रचार प्रसार प्रभारी राजेन्द्र अग्रवाल चेंबर, गोपाल शर्मा, मधु शर्मा, सुधीर रतेरिया, सुभाष अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, रमेश अग्रवाल सहित सभी सदस्यों ने इस पुनीत महायज्ञ में पधार कर अपने जीवन को सफल बनावें।

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