वृद्ध महिला को हाथी ने कुचला, मौत
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फरसाबहार के ग्राम सोनाजोरी के आश्रित मोहल्ला जोटोटोली की घटना
जशपुरनगर। इन दिनों जिले के फरसाबहार ब्लॉक में हाथियों का उत्पात अपने पूरे चरम पर है। क्षेत्र के ग्रामीणों की शिकायत है कि हाथी आए दिन गांवों में घुसकर जान-माल का नुकसान पहुंचा रहे हैं। गुरुवार की रात सागजोर पंचायत के आश्रित ग्राम सोनाजोरी में हाथी से अपनी जान बचाकर किसी तरह भाग रही एक वृद्धा को हाथी ने कुचलकर मार डाला। वहीं दंतैल ने दो ग्रामीणों के घरों को भी नुकसान पंहुचा है। वहीं इस साल हाथियों ने कुल 7 लोगों की जान ली है। घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंचायत सागजोर के ग्राम सोनाजोरी का आश्रित मोहल्ला जोटोटोली में गुरुवार की रात को एक हाथी पंहुच गया और हाथी जोटोटोली निवासी फेदोर तिग्गा के घर के बाड़ी में घुस गया। रात के 10 बजे हाथी के घुसने से बाड़ी के टूटने की आवाज आने पर देखने के लिए घर से बाड़ी की ओर निकला उसी समय सामने खड़ा हाथी उसे दौड़ाने लगा। हाथी के डर से फेदोर तिग्गा किसी तरह वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। उसी समय घर मे उसकी पत्नी मेझरेन तिग्गा बैठी हुई थी जो सुन नहीं सकती है। वह खतरे को बिना भांपे घर से निकल कर देखने लगी उसी समय हाथी पीछे से दौड़ कर मेझरेन को पहले सूंड से उठा कर पटक दिया और उसे अपने पैर से कुचल दिया। मेझरेन के उपर हाथी को हमला करते हुए देखकर उसका पति फेदोर गांव वालों को आवाज देकर बुलाया और ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए मशाल व टार्च में माध्यम से हाथी को वहां से भगाया और मेझरेन को उठाकर घर के अंदर ले गए, उस समय उसका सांस चल रहा था और उसे उपचार के लिए ग्रामीण अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे उसी समय उसकी मौत हो गई। हाथी को भगाने के दौरान हाथी ने ग्राम पेरुवाआरा के धनुरजय पिता गणेश के घर में दरवाजा तोड़कर धान खाने का प्रयास किया और उसके घर को भी नुकसान पंहुचा दिया। वहीं शुक्रवार की सुुबह तपकरा रेंजर जेपी दुबे व अन्य वन कर्मी मौके पर पहुंचे। रेंजर ने मृतक के पति को तात्कालिक सहायता राशि के रुप में 25 हजार रुपए प्रदान किए और विभाग के कर्मचारियों को प्रकरण तैयार करने का
निर्देश दिया।
सहसपुर गांव में था हाथी मित्र दल- विभागीय अधिकारियों की माने तो इन दिनों फरसाबहार क्षेत्र में हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों का एक दल सहसपुर में विचरण कर रहा है। इस दल में 20 हाथी हैं और हाथियों की सहसपुर में होने की सूचना पर हाथी मित्र दल के सदस्य वहीं गए हुए थे। हाथी मित्र दल को जब हाथी के द्वारा वृद्धा को कुचल देने की सूचना मिली तब हाथी मित्र दल मौके पर पंहुचा था।
गांव में न बिजली है और न ही सड़क : सगजोर पंचायत का यह बस्ती आरएफ 877 के किनारे बसा हुआ है। यहां पहले 5 घर थे हाथी के डर से एक परिवार गांव को छोड़ कर दूसरी जगह पर चला गया है।जोटोटोली में ना रोड है और ना ही बिजली की कोई व्यवस्था है। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि सगजोर पंचायत में सबसे ज्यादा सागौन का पेड़ है और जंगली क्षेत्र भी है लेकिन पिछले 10 महीनों से कोई भी वन रक्षक इस क्षेत्र में नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वनरक्षक होता तो उन्हें भी हाथियों का लोकेशन पता चलते रहता।
वन विभाग जता रहा लाचारी : हाथी समस्या जिले में इतनी विकराल हो चुकी है कि इससे निपटने में विभाग भी लाचार नजर आ रहा है। हालांकि विभाग अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रहा है कि हाथी कम से कम गांवों में प्रवेश करें और नुकसान करें। इसके लिए वन विभाग द्वारा वन रक्षा समितियों को सजग कर दिया गया है। जिससे वे हाथी के आने की सूचना तत्काल विभाग को दें। विभाग ग्रामीणों को समझाईश भी दे रहा है कि जब हाथी गांव में घुस जाए, तो उसके साथ छेड़छाड़ न करें। हाथी के नजदीक न जाएं। उससे दूर रहने में ही भलाई है। कई ग्रामीण हाथियों को पत्थर से मारते हैं। जिससे हाथी अक्रोशित होकर उत्पात मचाता है। इससे बचना चाहिए। हाथी के प्रवेश की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।

News Reporter

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