नए साल से बदल जाएगी मोदी सरकार की खास पेंशन स्कीम
Please Share the Post

नई दिल्ली । नए साल से बहुत से बदलाव होने वाले हैं जिसमें से कुछ लोगों की सुविधाओं के लिए होंगे, जिसमें एनपीएस स्कीम भी शामिल है। वित्त वर्ष 2019-20 में एनपीएस स्कीम ईईई कैटेगरी में आ जाएगी जिससे मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने या रिटायरमेंट पर एनपीएस से की जाने वाली निकासी पूरी तरह से टैक्स फ्री होगी। एनपीएस स्कीम केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के साथ ही आम लोगों के लिए भी है जिसमें 1000 रुपए लगाकर 2 लाख रुपए तक का रिटर्न और जीवनभर 5000 रुपए तक पेंशन पा सकते हैं। गौर हो कि केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एनपीएस के तहत सरकार की ओर से दिया जाने वाला योगदान 10 से बढ़ाकर 14 फीसद हो गया है जबकि कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 फीसदी ही है।
उम्र सीमा – 18 साल से 65 साल तक का व्यक्ति इस स्कीम में निवेश कर सकता है। इसमें निवेशकों का पैसा शेयर और बॉन्ड मार्केट में लगाया जाता है। हालांकि मुनाफा बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर होता है फिर भी एनपीएस में नियमित निवेश से अच्छा मुनाफा होता है।
टैक्स में लाभ – एनपीएस में टैक्स में छूट के 2 तरीके हैं जिसमें बेसिक सैलरी और डीए के 10 फीसदी एनपीए निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। सेक्शन 80 सीसीडी-1 के तहत डेढ़ लाख तक और सेक्शन 80 सीसीडी-1(बी) के तहत 5०० रुपए की अतिरिक्त छूट का लाभ मिलता है। कॉरपोरेट्स को भी अपने कर्मचारियों के लिए कॉन्ट्रिब्यूशन पर 80सीसीडी के तहत टैक्स बैनेफिट मिलता है।
ऐसे कैलकुलेट करें लाभ- उदाहरण के लिए शाम ने 25 साल तक इस स्कीम में हर महीने 1000 रुपए लगाए जिस पर उसे 8 फीसदी का इंटरेस्ट मिला। ऐसे में शाम का टोटल पेंशन वेल्थ 9.49 लाख होगा। पेंशन स्कीम के रूल के तहत शाम को 40 फीसदी यानी 1.89 लाख रुपए की राशि निकाल सकेगा और बाकि पैसे पेंशन के तौर पर उसे हर
महीने मिलेंगे।

इस लिहाज से वह हर महीने 5,062 रुपए पेंशन के रूप में प्राप्त करेगा।

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *