बिसाहू दास महंत बालोद्यान उपेक्षा का शिकार
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जिला मुख्यालय के बीटीआई चौक में स्थित बिसाहू दास महंत बालोद्यान अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जननेता माटी पुत्र के नाम से बना बालोद्यान नगर पालिका की अनदेखी का भेंट चढ़ गया है। उद्यान को मरम्मत व विकास की जरुरत है, लेकिन नगर पालिका द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं को भी साल में एक बार बिसाहू दास महंत की पुण्यतिथि में उद्यान की याद आती है। बाकी समय कांग्रेस नेता उद्यान की तरफ मुड़कर भी नही देखते है। वही पालिका की अनदेखी के चलते गार्डन में आने वाले लोगों को सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। संबंधित विभाग पार्क के विकास के लिए नजर अंदाज कर रहे हैं। पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। शहर के लोग शाम होते ही घुमने के लिए आते है, लेकिन उद्यान में लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है, जिससे पार्क में आने वाले लोगों का मोह भंग हो रहा है। लाईट की कमी होने से कुछ हिस्से में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। लाईटिंग व्यवस्था चरमरा गई है। नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी द्वारा किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर के लोगों को पार्क में बुनियादी सुविधाओं से जुझना पड़ रहा है। उद्यान में लगे टाईल्स उखड़ गए है। वहीं साफ-सफाई नहीं होने से गंदगी पसरी हुई है। वहीं कचड़ादान की कमी होने के कारण गंदगी फैला रहता है।
उद्यान में कई चीजों की कमी
गार्डन में मनोरंजन के लिए कई चीजें नहीं है। एक साल से लेकर पांच साल के बच्चों के लिए इस गार्डन में न तो हाथी, बंदर, घोड़ा जैसे खिलौने बच्चों के मनोरंजन के लिए है और न ही फिसलपट्टी की सुविधा है। इससे बच्चों में मायूसी छाई रहती है। वहीं छ: से 12 साल के बच्चों के लिए झूला तो है, लेकिन वो भी टूटा हुआ है जिससे बच्चे अपने खेल कूद से वंचित रहते है।
उद्यान के नाम पर लाखों का बंदरबांट
नगर पालिका में लाखों रुपए की राशि गार्डन के मरम्मत व विकास कार्य के लिए दी जाती है, लेकिन नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा मरम्मत व कार्यों में लीपापोती कर जेब भरने का काम किया जाता है। इसका खमियाजा लोगों को असुविधा के रुप में भुगतना पड़ता है। वहीं नगर पालिका में उच्च पद पर बैठे जिम्मेदार लोग बेखबर है। गार्डन की बदहाली को लेकर शहरवासी लगातार पालिका में शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं है।
वाई फाई जोन ठंडे बस्ते में
नगर पालिका दो साल पहले बीडीएम गार्डन में वाईफाई जोन बनाने की योजना बना रही थी। साथ ही उद्यान के सौदर्यीकरण कारण के लिए भी योजना बन रही थी। उस समय गार्डन में वाईफाई जोन बनाने व आवश्यक विकास के लिए नपा विकास मद से तीन लाख व पार्षद व एल्डरमैन के सहयोग से तीन कुल छह लाख की व्यवस्था की जानी थी। लेकिन अबतक इस योजना पर अमल नही किया जा सका। जिससे यह योजना अब ठंडे बस्ते में चली गई है। जिसके बाद से नपा बीडीएम गार्डन को भूल सी गई है। इससे उद्यान बदहाल हो गया है। शहर के लोगो का भी उद्यान से मोहभंग हो रहा है।
सिर्फ पुण्यतिथी पर याद आते है
शहर के कांग्रेस नेताओं को बिसाहू दास महंत बालोद्यान केवल पुण्यतिथि पर ही याद आते है। इसके बाद कांग्रेस नेताओं को उद्यान की बदहाली से कोई मतलब नही रहता। जननेता माटी पुत्र के नाम पर बना बालोद्यान की ऐसी दुर्दशा देखकर अंदाज लगाया जा सकता है। शहर के कांग्रेस नेताओं में महंत को लेकर कितना सम्मान है। जो उद्यान की बदहाली को लेकर आवाज तक नही उठा रहे है।

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