बजट पास होने के बाद भी सालों तक शुरू नहीं हो सके कई कार्य
Please Share the Post

2014-15 में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने तिगरा व्यपवर्तन योजना को अपने बजट में किया था शामिल
जशपुरनगर। प्रशासन की अनदेखी के कारण जिले के कई विकास कार्य आज तक नहीं हो पाए हैं, वहीं कई ऐसे महत्वपूर्ण कार्य प्रशासन की अनदेखी के कारण जिले में स्वीकृत होने के बावजूद उस पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण प्रदेश के दूसरे जिले में स्थानांतरित हो चुकी है। जिसके कारण जिलेवासियों को उसकी कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। प्रशासन की अनदेखी के कारण मुख्यमंत्री के बजट में स्वीकृत हो चुके कई कार्य आज वर्षो बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो पाए है। जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए वर्ष 2014-15 में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने तिगरा व्यपवर्तन योजना को अपने बजट में शामिल किया था, लेकिन जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण ये योजना आज 4 वर्षो से अधर में लटकी हुई है। ये परियोजना कब तक पूरी होगी ये किसी को पता नहीं है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 2014 में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बजट में मनोरा विकासखंड के तालासिली से निकलने वाले नहर में तिगरा व्यपर्र्वतन योजना को शामिल किया था। बजट में शामिल होने के बाद मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग अंबकिापुर के द्वारा इसका प्रस्ताव बना कर प्राशासकीय स्वीकृति की मांग शासन से की गई थी। विभाग के द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति की मांग किए जाने के बाद शासन के द्वारा 21 जुलाई 2017 में जशपुर जिले में तिगरा व्यपवर्तन योजना के लिए 19 करोड़ 79 लाख 26 हजार रुपए की प्रशासकिय स्वीकृति भी दे दी थी। प्रशासकीय स्वीकृति मिल जाने के बाद विभाग ने इस पर काम करना भी शुरू कर दिया था। विभाग के द्वारा व्यपवर्तन योजना के अंतर्गत हेडवर्क का काम शुरू करते हुए उसकी तकनिकी स्वीकृति भी प्रदान कर चुका है।
सर्वे नहीं होने से रुका हुआ था नहर निर्माण- तिगरा व्यपवर्तन योजना की प्रशासकीय स्वीकृति मिल जाने के बाद विभाग इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए हेडवर्क कार्य की तकनीकी स्वीकृति भी प्राप्त कर चुका है। लेकिन उसका निविदा नहीं होने के कारण हेडवर्क का कार्य अभी तक रुका पड़ा है। इसी तरह व्यपवर्तन योजना के अंतर्गत नहर का भी निर्माण किया जाना है। नहर निर्माण कराने के पूर्व उसका सर्वे का कार्य किया जाता है। सर्वे पूर्ण होने के बाद ही नहर का निर्माण कार्य प्रारंभ होता है। विभाग ने नहर का सर्वे करने के लिए नानक इंफ्रस्ट्रक्टचर इंजिनियरिंग प्राईवेट कंपनी के साथ 2016 -17 में सर्वे के लिए एग्रीमेंट भी किया था। जल संसाधन विभाग के द्वारा 13 जनवरी 2016 में सर्वे कार्य को प्रारंभ करने के लिए कंपनी को एक पत्र भी जारी कर चुका है। एग्रीमेंट होने के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक नहर के लिए सर्वे का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका था। विभाग के द्वारा कंपनी को बार बार सर्वे करने के लिए पत्र लिखने के बाद कंपनी के द्वारा सर्वे का कार्य को पूर्ण कर लिया गया। सर्वे का काम पूर्ण हो जाने के बाद विभाग अब निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने में जुटा हुआ है।
बन जाने से 950 हेक्टेयर क्षेत्र होगा सिंचित- मनोरा विकासखंड के ग्राम तालासिली से निकल कर लावा में मिलने वाली नदी में तिगरा व्यपवर्तन योजना प्रस्तावित किया गया था। इस योजना में हेडवर्क के साथ नहर का निर्माण किया जाना था। तलासिली से निकल कर लावा में मिलने वाली नदी तलासिली से निकल कर तलोरा, तिगरा, हेड लिटींग, बेंजोरा सहित अन्य गांव से होते हुए ये नदी लावा नदी में जाकर मिलती है।

इस योजना के तैयार हो जाने से इस क्षेत्र में 750 हेक्टेयर खरीफ फसल एवं 200 हेक्टेयर में रबी की फसल कुल 950 हेक्टयर क्षेत्र इससे सिंचित होता। तिगरा व्यपवर्तन योजना के तैयार हो जाने से इस क्षेत्र के हजारों किसानों को इस व्यपवर्तन योजना का लाभ मिलता और सिंचाई की सुविधा बढ़ जाने से इसका सीधा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा।

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *