अभी तो फाइल खोलकर थोड़ी सी धूल हटाई है और चीख पुकार शुरु- सीएम
Please Share the Post

विधानसभा के तीसरे दिन अनुपूरक बजट में चर्चा के दौरान सदन को संबोधित करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने प्रमुख विपक्षी दल भाजपा को जमकर आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्यों की बात गंभीरता से सुन रहा था. मुझे लगा था कुछ पश्चाताप में होंगे, लेकिन इनके तेवर वैसे ही है. डॉ रमन सिंह उसी तेवर में बात कर रहे थे. उन्होंने नान घोटाले में एसआईटी गठन का बगैर जिक्र किये कहा कि अभी तो हमने आपकी फाइल खोली है. बहुत धूल जमी है. थोड़ी सी धूल हटाई है और खूब चीख पुकार शुरू हो गई. बता दें पूर्व सीएम ने एसआईटी गठन के बाद इसे बदलापुर की कार्रवाई का नाम दिया था। सीएम भूपेश ने आगे कहा, मैं ये सुनकर दंग रह गया कि एक मीडिया कैसे 15 चैनल का नियंत्रण कर रहा था और उसके एवज में जनसम्पर्क विभाग से करोड़ों रुपए वसूल रहा था. आप जनसम्पर्क के माध्यम से मीडिया की मॉनिटरिंग कर रहे थे, जनसंपर्क के पैसे से स्टिंग ऑपरेशन करा रहे थे. पैसे खर्च कर रहे थे साजिस के लिए. अधिकारियों का उपयोग आपने षड्यंत्रकारी के रूप में किया. ये अधिकारी हैं जनता की सेवा के लिए। उन्होंने कहा हम कोई जुमलेबाज नहीं है. जुमलेबाजी आपके नेता करते हैं. हम किसानों, गरीबों के लिए काम करने आये हैं. खदानों का स्टाम्प ड्यूटी माफ करने नहीं आये हैं. सीएम भूपेश ने शराब के मसले पर पूर्ववर्ती रमन सरकार की नीतियों को लेकर उन पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि आप 20 दिनों में मुझसे शराबबंदी के बारे में पूछ रहे हैं।
लेकिन इसी विधानसभा में 1500 करोड़ रुपये को कमीशनखोरी की बात हो रही थी. शराबबंदी को लेकर आपने कमेटी बनाई. अध्ययन दल भेजा और क्या रिपोर्ट आई कि काउंटर बढ़ाएंगे. हम शराबबंदी करेंगे. सबको विश्वास में लेकर, जनजागरण करके. अभी दुकानो में मिल रहा है. ऐसा नहीं चाहते कि घर-घर बिके.
29 साल के विधायकी में ऐसा अपमान कभी नहीं देखा- बृजमोहन
अनुपूरक बजट में चर्चा के दौरान सदन का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया और विपक्ष ने सत्ता पक्ष के हंसी पर अपमान बताते हुए हंगामा शुरु कर दिया और वेल तक पहुंच गए. दरअसल सीएम के भाषण के दौरान हंगामा करते हुए विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया था. वाकआउट के कुछ देर बाद जब विपक्ष वापस लौटा तो सत्ता पक्ष की ओर से हंसी की आवाज सुनाई दी. हंसी की आवाज सुनकर विधायक बृजमोहन अग्रवाल नाराज हो गए. उन्होंने अध्यक्ष से इसे अपमानजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि हमारी खिल्ली उड़ाना सदन और अध्यक्ष का अपमान है. ऐसा होगा तो हम सदन में नहीं आएंगे. जिसके बाद विपक्ष वेल में उतरकर विरोध करने लगा। भाजपा के सभी विधायक गर्भगृह में धरने पर बैठ गए. गर्भगृह में घुसकर हंगामा करने की वजह से विधायक स्वमेव निलंबित हो गए. हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दिया. सदन की कार्यवाही जब दुबारा शुरु हुई तो आसंदी ने विधायकों से कहा कि सदस्य एक दूसरे के मान-सम्मान और गरिमा को बनाये रखें।
पहले 13वां पद तो भर लीजिए- विपक्ष
शासकीय संकल्प को लेकर भूपेश सरकार पर तंज कसते हुए बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन में इसे पेश करने की जरूरत क्या है? अभी तो 13 वां पद खाली है उसे भर लीजिये. सदन का उपयोग राजनीतिक इस्तेमाल के लिए न किया जाए. भाजपा की भी सरकार थी हमने किसी भी प्रदेश में नहीं किया. ऐसा कोई शासकीय संकल्प देश के किसी विधानसभा में नहीं आया मैं विरोध करता हूँ। वहीं बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि देश मे दलबदल में रोक लगे इस लिए संविधान में संशोधन की जरूरत पड़ी थी. अब मंत्रियों की संख्या बढ़ाने शासकीय संकल्प। वहीं जेसीसीजे और बसपा गठनबंधन दल के नेता विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि इस संकल्प की न तो कोई वैधता है और न ही आवश्यकता है।
धर्मजीत सिंह ने सीएम भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि ऐसा संकल्प पारित कर आप अपने दल के असंतुष्ट लोगों को संतुष्ट करना चाहते हैं तो मुझे आपकी बुद्धि पर भी तरस आ रही है. मंत्री बनने की एक सीमा होती है. मुझे अच्छा लगता कि सदन में पोलावरम बांध के मुद्दे पर प्रस्ताव रखते. शासकीय संकल्प पेश करके कोई फायदा नहीं होगा. छत्तीसगढ़ में मन्त्रियों की संख्या 20 हो जाये इसे लेकर दिल्ली में किसे पड़ी है कि लोकसभा और राज्यसभा में बिल लाकर पारित किया जाए. ऐसे प्रस्ताव की कोई अहमियत नहीं है. हंसी का पात्र नहीं बनना चाहिए.

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *