छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की हड़ताल से 40 करोड़ का कारोबार प्रभावित
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40 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों की हड़ताल से जिले की 34 शाखाओं में पिछले दो दिन बैंकों में ताला लड़का हुआ है। जिसके चलते जिले में तकरीबन 40 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। जिले के तकरीबन 40 हजार खाताधारक बैंक में लेन-देन के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है। जिला मुख्यालय के कार्यालय में बैंक के अधिकारी कर्मचारी सात सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले दो दिनों से धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 34 शाखाओं के कर्मचारी बैंक बंद कर हड़ताल में शामिल हुए हैं। बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांग ग्रामीण बैंकों में अधिकारी कर्मचारी के वेतनमान उच्चतम न्यायालय के निर्णय 25 मई 2018 के अनुसार ग्रामीण बैंक के सभी सेवानिवृत्त एवं सेवारत अधिकारी कर्मचारियों को समानता मूल भावना के साथ राष्ट्रीकृत बैंकों के अनुसार बैंकिंग पेंशन योजना 1973 लागू किया जाए। इसी तरह वित्त मंत्रालय का आदेश ग्रामीण बैंकों के पेंशन योजना प्रभावी थी जिसे परिवर्तन कर 1993 से लागू किया जाए।
इसी तरह वर्ष 2018 तक सेवा में आ चुके समस्त अधिकारी कर्मचारियों को पेंशन योजना 1993 में शामिल किया जाए। सभी ग्रामीण बैंकों में अधिकारी कर्मचारियों को राष्ट्रीय बैंकों के समान पदोन्नत नीति लागू किया जाए। ग्रामीण बैंक में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। अनुकंपा नियुक्ति योजना राष्ट्रीयकृत बैंकों को प्रभावी तिथि के अनुसार ग्रामीण बैंकों में भी समान रूप से लागू किया जाए।
ग्रामीण बैंकों में कार्यरत सेवा अधिकारी कर्मचारी सेवा शर्तें लागू किया जाए। गौरतलब है कि भारत वर्ष में सभी मजदूर संगठनों ने भारत सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में हड़ताल के समर्थन में तथा ग्रामीण बेंकों के युवाओं को उपरोक्त मांगों के साथ ग्रामीण बैंक यूनाइटेड फोरम आरआरबी यूनियन द्वारा भी हड़ताल का निया गया है।

हड़ताल मंगलवार व बुधवार को जारी रहा। जिससे ग्रामीण बैंक की शाखाओं में कारोबार प्रभावित है।

News Reporter

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