भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में अपने उसी फॉर्म को जारी रखने के इरादे से उतरेगी
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टेस्ट सीरीज में इतिहास रचने वाली भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में अपने उसी फॉर्म को जारी रखने के इरादे से उतरेगी. सीरीज का पहला मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा. भारतीय कप्तान विराट कोहली वनडे सीरीज की शुरुआत भी जीत के साथ करना चाहेंगे और इसमें वह किसी भी तरह की कसर छोड़ने के मूड में नहीं होंगे. बेशक कागज पर ऑस्‍ट्रेलिया के मुकाबले भारतीय टीम मजबूत नजर आ रही है लेकिन मेहमानों को अतिउत्साह से बचना होगा. जीत के बाद भारतीय कप्तान और कोच रवि शास्त्री ने जो बयान दिए हैं उनसे वह कई दिग्गजों के निशाने पर हैं. ऐतिहासिक जीत के बाद अगर भारतीय टीम मैदान पर अतिउत्साह दिखाती है तो नुकसान उसे उठाना पड़ सकता है. कोहली की कप्तानी में भारत ने 71 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्‍ट सीरीज जीती है, लेकिन जो आस्ट्रेलियाई टीम टेस्ट में थी उसके मुकाबले मेजबान सीमित ओवरों में ज्यादा बेहतर हैं. ऐसे में भारत को सतर्क रहकर मैदान पर उतरना होगा. मैच के लिए ऑस्‍ट्रेलियाई टीम ने अपनी प्‍लेइंग XI की घोषणा कर दी है. तेज गेंदबाज पीटर सिडनी को 11 की टीम में जगह दी गई है.टेस्ट में भारत की जीत में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के संयुक्त प्रदर्शन का अहम योगदान था. वनडे सीरीज में भारतीय गेंदबाज फिर बड़ी भूमिका में होंगे और उन्हीं के कंधों पर टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी होगी. तेज गेंदबाजी में टीम की जिम्मेदारी भुवनेश्वर कुमार, मोहम्‍मद शमी, खलील अहमद और हरफनमौला हार्दिक पंड्या पर होगी. टेस्‍ट सीरीज में सर्वाधिक 21 विकेट लेने वाले बुमराह को टीम प्रबंधन ने वनडे सीरीज में आराम देने का फैसला किया है और उनके स्थान पर युवा मोहम्मद सिराज को ऑस्ट्रेलिया भेजा गया है. वनडे सीरीज में बुमराह के नहीं होने से तेज गेंदबाजी के डिपार्टमेंट में शमी और भुवनेश्वर के कंधों पर भार बढ़ गया है. शमी टेस्ट में बुमराह के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे. भारतीय स्पिनर इस सीरीज में भी बड़ा रोल निभा सकते हैं. मध्य ओवरों में ‘चाइनामैन’ कुलदीप यादव और दाएं हाथ के स्पिनर युजवेंद्र चहल ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. इन दोनों ने पिछले एक साल में हर जगह टीम को सफलता दिलाई है. दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज में जीत और इंग्लैंड में सीमित ओवरों में भी इन दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया था. दूसरी ओर,बल्लेबाजी की बात की जाए तो कोहली और उप कप्तान रोहित शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी निभानी है. अंबाती रायुडू ने हाल ही में जो प्रदर्शन किया है उससे भारत की नंबर-4 की चिंता को लगभग खत्म कर दिया है. यह सीरीज वर्ल्‍डकप से पहले रायुडू के लिए नंबर-4 पर अपने दावे को और पुख्ता करने वाली साबित होगी. निचले क्रम में केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी और हार्दिक पंड्या टीम के लिए अहम योगदान देंगे. मेजबान ऑस्‍ट्रेलिया की बात करें तो उसने वनडे सीरीज के लिए जो टीम चुनी है उसमें टेस्ट टीम के सात सदस्य हैं . टीम की कमान मौजूदा समय में शॉर्टर फॉर्मेट मेंऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज एरॉन फिंच के हाथों में है. फिंच का बल्ला लाल गेंद पर अपने प्रहार दिखाने में बेशक नाकाम रहा हो लेकिन सफेद गेंद पर उनके बल्ले का जोर अगर चल गया तो भारत के लिए परेशानी खड़ी होना निश्चित है. वनडे में फिंच के अलावा ग्लैन मैक्सेवल पर भी मेजबान टीम का भार होगा. वैसे, भारत के मजबूत गेंदबाजी क्रम से पार पाना आस्ट्रेलिया के लिए सिरदर्दी होगी. ऑस्ट्रेलिया के लिए जो खिलाड़ी छुपे रुस्तम साबित हो सकेत हैं वो हैं मार्कस स्टोइनिस और बिली स्‍टेनलेक. इन दोनों को भारत किसी भी तरह से हल्के में नहीं ले सकता. गेंदबाजी की बात की जाए तो ऑस्ट्रेलिया ने मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और पैट कमिंस, तीनों को इस सीरीज में आराम दिया है. ऐसे में लंबे अंतराल बाद वापसी कर रहे पीटर सिडल के पास वर्ल्‍डकप के लिए टीम में अपनी जगह पक्की करने का यह अच्छा मौका है. सिडल के अलावा स्‍टेनलेक और जेसन बेहरेनडोर्फ को मजबूत भारतीय बल्लेबाजी क्रम को रोकने की चुनौती उठानी पड़ेगी. स्पिन में मेजबान टीम के पास ऑफ स्पिनर नाथन लियोन और लेग स्पिनर एडम जाम्पा के रूप में दो विकल्प हैं. लियोन ने टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छा किया है लेकिन वनडे में उन्हें अपने आप को साबित करना होगा. लियोन ने अपना आखिरी वनडे पिछले साल जून में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था.

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