डेयरी उद्यमिता विकास के लिए हितग्राहियों को अब नाबार्ड देगा 33 फीसदी तक अनुदान
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डेयरी उद्यमिता विकास के लिए हितग्राहियों को अब नाबार्ड देगा 33 फीसदी तक अनुदान। प्रदेश को मिला 4,56 करोड़ का बजट । अन्य उद्योगों को भी मिलेगी प्राथमिकता। बहेराडीह। फोटो। पशुपालन डेयरी और मतस्य विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2018,19 के लिए डेयरी उद्यमिता विकास योजना डी ई डी का प्रारम्भ किया गया है। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक एक क्रियान्वयन कर्ता संस्था है। इस संबंध में नाबार्ड के जिला विकास अधिकारी अनुराग राय ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत छोटी डेयरी इकाइयों की की स्थापना बछड़ा पालन मिल्किंग मशीन मिल्कटेस्टर मिल्क कूलिंग इकाइयां 5000 लीटर छमता तक डेयरी प्रसंस्करण उपकरणों की खरीद दूध और दूध उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधा दूध उत्पाद परिवहन सुविधा पशु चिकित्सालय और डेयरी विपणन केंद्रों कृषक एकल उद्यमियों सदस्यों की ओर से स्व सहायता समूहों डेयरी सहकारी समितियों दूध यूनियन दूध संघों पंचायती राज संस्थानों आदि इस योजना के अंतर्गत ऋण से जुडी अनुदान सहायता का लाभ ले सकते हैं।योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों को वित्त पोषण करने वाले बैंक अनुसूचित वाणिज्य बैंको राज सहकारी बैंकों छेत्रीय बैंको से ऋण लेना होगा। और अनुदान सहायता लाभार्थी को अंत में दी जायेगी। उधार लेने वाले को स्वीकृत पात्र ऋण के समक्छ सम्बंधित बैंक द्वारा नाबार्ड से अनुदान सहायता हेतु योजना में निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा किया जावेगा। अनुदान राशि प्राप्त होने के बाद उसे लाभार्थी के अनुदान प्रारक्छित निधि में रखा जायेगा। तब तक लाभार्थी को प्रदत्त ऋण की अंतिम किश्त की चुकौती नहीं हो जाता और परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान योजना से सम्बंधित सभी दिशा निर्देश का अनुपालन किया गया हो।
अनुदान सहायता दो किश्त में अग्रिम अनुदान सहायता और अंतिम अनुदान सहायता में जारी की जावेगी। यदि कर्जदार का खाता अनर्जक आस्ति हो जाता है। या योजना के दिशा निर्देश का उलंघन होने पर अनुदान सहायता राशि वापस की जायेगी। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और सामने श्रेणी के लाभार्थियों के लिए अनुदान सहायता की राशि परियोजना लागत 33,33 प्रतिशत और 25 प्रतिशत होगी। योजना के दिशा निर्देश में इंगित इकाई लागत के अधीन योजना से सम्बंधित दिशा निर्देश नाबार्ड की जानकारी वेबसाइड पर उपलब्ध किया गया है। राय ने बताया कि कर्ज लेने वाले कृपया योजना से सम्बंधित दिशा निर्देश को ध्यानपूर्वक पढ़े। बैंको द्वारा इस निर्देशों का अनुसरण सुनिश्चित किया जाय। और निर्धारित समय सीमा में अन्श्योर पोर्टल में दावा प्रेषित अपलोड करने कहा गया है। अन्यथा अनुदान सहायता राशि स्वीकृत नहीं की जायेगी। इस योजना हेतु छत्तीसगढ़ राज्य में 4,56 करोड़ की बजट राशि आबंटित की गई है। नाबार्ड के मुख्य प्रबंधक एन पी महापात्रा ने बताया कि इस योजना से राज्य में दूध उत्पादन बढ़ेगा।साथ ही सभी हितग्राहियों को लाभ लेने के लिए आग्रह किया गया है।
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