पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रयासरत: भूपेश बघेल
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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम यहां स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में 24वीं अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री बघेल द्वारा प्रतियोगिता के औपचारिक शुभारंभ की घोषणा के बाद मशाल प्रज्जवलित की गई। अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाडिय़ों ने मशाल जलाई। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेशों तथा अखिल भारतीय स्तर के वानिकी एवं जैव संबंधी संस्थानों के दो हजार 400 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वन सम्पदा के मामले में देश में दूसरे नंबर पर आता है। यहां के 45 प्रतिशत भूभाग पर वन है। बघेल ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग की विश्व व्यापी चिन्ता के बीच छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की जनता के सहयोग से पर्यावरण को बचाए रखने के लिए सतत् प्रयास कर रही है। केन्द्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता की। समारोह में छत्तीसगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल, पश्चिम रायपुर के विधायक विकास उपाध्याय, रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे,राज्य शासन के मुख्य सचिव सुनील कुजूर, केन्द्रीय वन, पर्यावरण एव जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव तथा वन महानिदेशक सिद्धांत दास सहित वन विभाग और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समारोह में खिलाडिय़ों ने आकर्षक मार्चपास्ट किया। मुख्यमंत्री बघेल ने मार्चपास्ट परेड की सलामी ली।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि विश्वव्यापी ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को भांपकर केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 1972 में वन अधिनियम और वर्ष 1988 में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम बनाया जा चुका है। बघेल ने प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे खिलाडिय़ों का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से अभिनन्दन करते हुए कहा कि ये खिलाड़ी छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और भाईचारे की भावना की मधुर स्मृति लेकर लौटेंगे। बघेल ने कहा कि खेल के मैदानों में खेल भावना के साथ खेल का कौशल दिखे, तो ज्यादा आनंद आता है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ी आगामी चार दिनों तक छत्तीसगढ़ में रहेंगे और यहां की कला संस्कृति, आचार-विचार और खान-पान से परिचित होंगे।
शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में वनों की सुरक्षा के जोखिमपूर्ण कार्य करते हैं। चुनौतीपूर्ण कार्यों के बावजूद अधिकारी-कर्मचारी खेल गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। यह प्रशंसनीय है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि जीवन में अच्छे स्वास्थ्य का महत्व सबसे अधिक होता है। अच्छे स्वास्थ्य को ही अच्छी संपत्ति मानी जाती है। केन्द्रीय वन मंत्री ने कहा कि 45 प्रतिशत से अधिक बीमारियां शारीरिक निष्क्रियता के चलते होती है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए शारीरिक श्रम जरूरी है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग आज मानव जीवन के लिए खतरा बन गई है। हमारा देश ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने के उपायों में पूरी दुनिया का मार्गदर्शन कर रहा है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे सकारात्मक कार्यों को बढ़ावा देने आंदोलन शुरू किया है। इस आंदोलन में छत्तीसगढ़ का भी पूरा सहयोग मिलेगा।
वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि खेल में सम्पूर्ण मानव जाति को एकसूत्र में बांधने की ताकत होती है। खेल से अनुशासन के साथ-साथ सहयोग और एकता की भावना विकसित होती है। अकबर ने कहा कि वनों की सुरक्षा का कार्य एक टीम के रूप में किया जाता है। विभाग के अधिकारियों – कर्मचारियों में खेल प्रतियोगिताओं से टीम भावना बढ़ती है। उन्होंने कहा कि मैं इस प्रतियोगिता को प्रतियोगिता से अधिक खेल महोत्सव मानता हूं।

इसमें क्षमता, दक्षता और अनुशासन दिखेगा। अकबर ने कहा कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को खेल गढ़ के रूप में पहचान दिलाने विशेष प्रयास कर रही है। खिलाडिय़ों को विभिन्न प्रकार की जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। अकबर ने कहा कि वन खेल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ विशेष स्थान रखता है। छत्तीसगढ़, अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिताओं में सात बार आल ओव्हर चैम्पियन रहा है।
केन्द्र सरकार के वन, पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सी. के. मिश्रा ने अपने उद्बोधन में अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता आयोजित करने की जिम्मेदारी लेने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। मिश्रा ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में एकजुटता दिखती है। खिलाडिय़ों में अनुशासन के साथ निष्पक्ष भाव बढ़ेगा, इससे उनके कार्यों और दायित्वों के निर्वहन में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग के अपर मुख्य सचिव सी.के. खेतान ने कहा कि खेल प्रतियोगिता में शामिल होने वाले वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों में शारीरिक, मानसिक चुस्ती बढ़ेगी, टीम भावना विकसित होगी। प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ी एक-दूसरे के आचार-विचार और व्यवहार से परिचित होंगे। देश भर से आए खिलाडिय़ों को छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को जानने-समझने का मौका मिलेगा।
भारत के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी वी.वी.एस. लक्ष्मण ने कहा कि छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर राज्य है। आईपीएल मैच के सिलसिले में मुझे छत्तीसगढ़ आने का मौका मिला है। छत्तीसगढ़ का क्रिकेट स्टेडियम विश्व के बेहतरीन स्टेडियमों में शामिल है। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी क्रिकेट के शौकीन हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ खेल के क्षेत्र में विशेष पहचान बनाएगा। लक्ष्मण ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं दी।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक मुदित कुमार ने स्वागत भाषण दिया। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव ने प्रतियोगिता के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह में कलाकारों ने मनमोहक छत्तीसगढ़ी गीतों-नृत्यों की प्रस्तुति दी।
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