चार दिवसीय 15 वाँ श्याम गुणगान महोत्सव का हुआ शुभारंभ
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 कृष्ण सुदामा चरित्र में भक्त हुए भाव विभोर आज होगा शिव पार्वती विवाह

नगर की धन्य धरा पर चार दिवसीय श्याम गुणगांन महोत्सव 11 से 14 जनवरी को बडी धूमधाम से मनाया जा रहा है। श्याम गुणगांन महोत्सव में 11 से 14 जनवरी को चार दिवसीय कृष्ण सुदामा चरित्र, शिव पार्वती विवाह, नानी बाई का मायरा, निशान यात्रा, भव्य भंडारा एवं रात्रि में भजनों एवं नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से जिवंत झाकियों का कार्यक्रम रखा गया है जिसमें देश के जाने माने भजन सम्राटों का आगमन खरसिया में हो रहा है ।
श्याम कुटुम्ब के संस्थापक मुकेश मित्तल ने बताया कि श्याम कुटुम्ब विगत कई वर्शो से श्याम गुणगान महोत्सव बड़ी धुम धाम से मनाते आ रहा है, बाबा श्याम के विशेष आशीर्वाद से बाबा श्याम का भव्य मंदिर का निर्माण सात वर्ष पूर्व नगर वासियों एवं अंचल के श्याम प्रेमियों के सहयोग से निर्माण हुआ था । 15 वॉं श्याम गुणगान महोत्सव धुम धाम से मनाया जावेगा । नगर के श्याम कुटुम्ब के सदस्यों द्वारा श्याम महोत्सव को भव्यता प्रदान करने की तैयारी जोरो से की गयी है । श्याम कुटुम्ब द्वारा 11 को चार दिवसीय कृष्ण सुदामा के जिवंत झाकियो का वर्णन करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया । गुणगान महोत्सव के प्रथम दिन बाबा का भव्य दरबार बनाकर बाबा श्याम की पं. अमित शर्मा द्वारा विधि विधान से पूजन के प्श्चात बाबा की ज्योति प्रज्जवलित कर आरती करने के पश्चात कलकत्ता से पधारे विनोद गुप्ता द्वारा अपनी कलाकार टिम के साथ जिवंत झाकियों का वर्णन करते हुए भगवान कृश्ण एवं सुदामा की मित्रता के बारें में बताते हुए दर्शाया कि भगवान कृष्ण के बाल सखा सुदामा की कथा जिसमें भगवान के द्वारा बताया गया कि मित्रता का धर्म सबसे बड़ा धर्म है और हर गलती की सजा भी होती है । ब्रम्हज्ञानी सुदामा के बचपन में की गयी गलतियों को मनमोहक कथा में जिंवत झाकियों के रूप में वर्णन किया गया । जिसमें ब्रम्हज्ञानी सुदामा अपनी गलती को मानते हुए पत्नि के कहने पर महाराजाधीराम द्वारकाधिश से मिलने जाते है परन्तु अपने लिये कुछ भी मांग नहीं करते फिर भी वो दो मु_ी सुखे चांवल कृष्ण द्वारा खाये जाने के बदले में सुदामा को दा ेलोको का मालिक बना देते है । इए अद्भुत मित्रता भगवान कृष्ण और सुदामा का जिवंत झाकियों से दर्शन करते हुए भक्त गण अपने आसु रोक न पाये और सभी भक्त गण भाव विभोर होकर जिवंत झाकियो के दर्शन का लाभ लेते हुए नजर आयें । बाबा श्याम का अद्भुत श्रृंगार सांवरे बाबा श्यामक े रूप् में दिल्ली से पधारे पण्डित दिक्षीत द्वारा बिस्कीट एवं फुलों के माध्यम से बाबा का विशेष श्रंृंगार किया गया । बाबा के भव्य श्रृंगार को भक्त अपने नैनो से दर्शन करते नजर आयें । उत्सव स्थल के साथ साथ बाबा का अद्भुत श्रृंगार रायगढ़ से पधारे पांचाल द्वारा थर्माकोल से श्याम बिहारी मंदिर में अनोखा श्रृंगार कर एवं मंदिर के पुजारी बलदेव एवं उनके साथी द्वारा फुलो से ऐसा मनमोहक श्रृंगार किया कि भक्तों का मन बाबा के दर्शन करने के लिये श्याम बिहारी मंदिर की ओर खिचा चला आ रहा है । 15 वॉं श्याम गुणगान महोत्सव को भव्यता प्रदान करने में श्याम कुटुम्ब के संस्थापक मुकेश मित्तल, अध्यक्ष विजय अग्रवाल संरक्षक सत्यनारायण अग्रवाल, विनोद शर्मा, उपाध्यक्ष कैलाश सपना, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, मनोज कबुलपुरिया, आदि सदस्य लगे हुए है ।

आज होगा शिव पार्वती विवाह का वर्णन
श्याम गुणगान महोत्सव के दुसरे दिन आज 12 जनवरी को शाम 04 बजे से 07 बजे तक भगवान शंकर एवं पार्वती के विवाह जिवंत झाकियों के रूप में दक्ष पुत्री सती जो भगवान शिव प्रथम पत्नि के अग्नि कुंड में अपने को समाहित करने के पश्चात जगदम्बा का पून: जन्म हीमचल राजा के घर में होता है और देवर्शी नारद के सुचना पर हीमचल और मैना देवी की पुत्री पार्वती का विवाह शिव के साथ झाकियों के माध्यम से भक्तों के बीच में दिखाया जावेगा । जिसमें बाराती ब्रम्हा विष्णु शिवगण भूत प्रेत आदि शामिल होते है । अनेक बाधाओं के पश्चात भी भगवान शिव और पार्वती विवाह का जिवंत झाकियों का वर्णन भक्तों को दिखाया जायेगा ।

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