उद्योगों से निकलने वाली राखड़ का होगा उचित प्रयोग
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गिट्टी खदान व कोयला खदानों के गड्ढे भरने के लिए होगी पहल- यशवंत कुमार

रायगढ़ जिले के छोटे व बडे उद्योगों से निकलने वाली राखड का उचित इस्तेमाल करने के लिए अब जिला प्रशासन बडी पहल करने जा रहा है और इसके लिए खुद कलेक्टर ने आगे आकर गिट्टी खदानों के बडे खाईनुमा गड्ढे व कोयला खदानों से होने वाले बडे खाई को भरने के लिए राखड का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जिला कलेक्टर यशवंत कुमार ने बताया कि उद्योगों से निकलने वाली राखड पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है और कई बार इनके अनावश्यक उपयोग होनें के चलते पर्यावरण को खासा नुकसान हो रहा है। इतना ही नही कई उद्योग अपने उद्योग से निकलने वाली राखड का निस्तार भी नही कर पा रहे हैं। इसके लिए जल्द ही टिमरलगा, कटंगपाली, गुडेली सहित तमनार के कई इलाकों में होने वाले बडे खाईनुमा गड्ढो में भराव के लिए इसका उपयोग किया जाएगा। कलेक्टर यशवंत कुमार ने बताया कि इसके लिए बकायदा एक योजना बनाई जा रही है और जल्द ही राखड का उपयोग बडे गड्ढो में भरने के लिए पहल की जाएगी। ताकि अनावश्यक राखड को सड़क के किनारे या खेतों में फेंकने से बचा जा सके।
संजय अग्रवाल ने की थी पहल
स्पजं आयरन युनियन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने हाल ही में इस संबंध में एक पहल की थी जिसके तहत उन्होंने एक पत्र मुख्यमंत्री के नाम भेजकर राखड का निस्तारीकरण करने की अपील की थी ताकि पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए राखड का उपयोग बडे गड्ढो में भराव के लिए किया जा सके और कोयला खदानों से होनें वाले बडे खाईनुमा गड्ढो पर भी इसका उपयोग किया जा सके। संजय अग्रवाल ने इस संबंध में कलेक्टर से भी मिलकर ठोस कदम उठाने की बात कही थी इसके बाद कलेक्टर ने खुद आगे आकर राखड के निस्तारीकरण के लिए योजनाबद्ध तरीके से संजय अग्रवाल की पहल पर मुहर लगाई है।

News Reporter

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