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शासन-प्रशासन की उदासीनता से अभिशाप साबित हो रही हसदेव ठ्ठ बीते दस सालों से नपा भेज रही प्रपोजल और हर बार शासन कर रही नामंजूर

विकास यात्रा में इस बार हसदेव नदी का मुद्दा जोर पकड़ेगा। लोक सुराज में आए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने तत्कालीन कलेक्टर को हसदेव नदी को संरक्षित करने के लिए प्रपोजल बनाने को कहा था तो वहीं चांपा नगरपालिका बीते एक दशक से हसदेव कारीडोर के लिए शासन को प्रपोजल भेज रही है। शासन ने इस प्रपोजल को कलेक्टर के जरिए डीएफएम से मंजूरी कराने नगरपालिका को कहा है। चांपा से होकर गुजरी हसदेव नदी अंचलवासियों के लिए वरदान है, लेकिन शासन-प्रशासन की उदासीनता से हसदेव अभिशाप बनने लगी है। क्योंकि नाली के पानी और पावर प्लांटों के केमिकलयुक्त पानी को नदी में छोड़े जाने से हसदेव प्रदूषित हो गई है। नदी के पानी का उपयोग करने वालों को जलजनित बीमारी हो रही है। नाली के पानी को हसदेव में जाने से रोकने के लिए चांपा नगरपालिका ने करीब एक दशक पहले हसदेव कारीडोर परियोजना बनाकर शासन को भेजा था। इसके तहत मवेशी बाजार के नदी घाट से पीआईएल के पास नदी किनारे तक करीब साढ़े तीन किमी क्षेत्र में बड़े नाले का निर्माण प्रस्तावित था। इसके अलावा पीआईएल के पास नदी किनाारे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने की योजना थी, ताकि गंदे पानी का शुद्धिकरण किया जा सके। बीते दस सालों में नगरपालिका ने आधा दर्जन से ज्यादा बार शासन को प्रस्ताव भेजा, लेकिन हर बार इस प्रपोजल को ठुकरा दिया गया। इधर, दिनोंदिन हसदेव की समस्या बढ़ती जा रही है। इससे चिंतित भाजपा नेता व हसदेव सेवा प्रकल्प के संयोजक अखिलेश कोमल पाण्डेय ने चांपा में पदयात्रा की थी, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों का हुजुम उमड़ा था। इसके पहले उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय अजजा आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय सहित शासन-प्रशासन को हसदेव के लिए पत्र लिखा। हाल ही में जिला प्रवास पर आए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से जब इस विषय में बात की गई तो उन्होंने तत्कालीन कलेक्टर को हसदेव के लिए नए सिरे से प्रपोजल बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। इससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। विकास यात्रा में हसदेव नदी का मुद्दा जोर पकड़ेगा।
कलेक्टर सेंंशन करेंगे प्रपोजल
चांपा नगरपालिका ने हसदेव कारीडोर परियोजना के लिए 14 करोड़ 39 लाख रुपए का फिर से प्रपोजल भेजा था, जिसे शासन ने प्रपोजल को बजट में शामिल नहीं किया। शासन ने कलेक्टर से प्रपोजल को डीएफएम मद से मंजूर कराकर काम कराने को कहा है। इधर, नगरपालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल का कहना है कि शासन का पत्र मिलने के बाद हसदेव कारीडोर प्रपोजल को डीएफएम से स्वीकृत कराने का आग्रह किया गया है।

News Reporter

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