कुड़ेकेला पंचायत नेताओं की गिरफ्त में, अधिकारी बने मूकदर्शक
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बारिश आते ही ढह गये शौचालय, पीएम आवास अब तक अधूरे

धरमजयगढ़ ब्लॉक के कुड़ेकेला पंचायत की दुर्दशा बयां करती हुई यह तस्वीरें बताती हैं कि भ्रष्टाचार किस हद तक किया जा सकता है। बताया जाता है कि छुटभैया नेताओं ने यहां राजनीति का जाल बिछाकर अधिकारियों को मौन रहने पर विवश कर दिया है। बारिश की बूंदों से ही शौचालय यहां ढह जाते हैं। वहीं सैकड़ों हितग्राही शौचालय की सुविधा से वंचित भी हैं। इसके विपरीत पंचायत सचिव का कहना है कि 717 शौचालयों में अब तक 350 शौचालय की पूर्णता की ओर हैं। आपको यह जरूर जानना चाहिए कि अब तक जितने शौचालय बने हैं। उनमें से कईयों के दरवाजे नहीं हैं तो कहीं सीट बिखरी हुई है। राजपूतपारा में तो शौचालय की स्थिति अधिक चिंताजनक है। वहीं सोसायटी के बगल बाबूलाल यादव का पीएम आवास अब तक अधूरा पड़ा हुआ है। हरिजन मोहल्ला में रहने वाली गणेशीबाई का आवास भी बारिश में रहने लायक नहीं बना हुआ। यही स्थिति मुनुंदपारा में भी देखने को मिली है। मेघनाथ चौहान के घर 2 शौचालयों की स्वीकृति के बावजूद सिर्फ एक ही बनाया गया है।
त्रिपाठी मैडम दीजिए समाधान
बताया जा रहा है कि यह ग्राम पंचायत छुटभैया नेताओं का अखाड़ा बनी हुई है। इनकी खींचतान के बीच शासन की महत्वाकांक्षी योजनाएं भी अधूरी रह जाती हैं। इतने पर भी अधिकारियों का मौन रहना आश्चर्यजनक है। ऐसे में विकास गढने की बातें बेमानी नजर आ रही हैं। आपको यह भी जानना चाहिए कि यहां ना सिर्फ पंचायत सचिव वरन सीईओ भी इतने सशंकित रहते हैं। कि वे सेव्ड नंबर के अलावा किसी और का कॉल रिसीव तक नहीं करते। ऐसे में जिला सीईओ संजय चंदन त्रिपाठी को इस पंचायत की दुर्दशा की जानकारी दी गई है। यदि वे ग्रामीणों की इस बड़ी समस्या पर नजर डालें तो निश्चित ही समस्या का समाधान मिल सकता है।

News Reporter

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