खुशखबरी! गुजरात में तैयार होंगे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और बैटरी, सुजुकी ने की 10 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश की घोषणा

खुशखबरी! गुजरात में तैयार होंगे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और बैटरी, सुजुकी ने की 10 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश की घोषणा
गुजरात वालों के लिए एक अच्छी खबर है। अब गुजरात में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और बैटरी का निर्माण होगा। एसएमसी ने 19 मार्च 2022 को नई दिल्ली भारत में आयोजित भारत-जापान आर्थिक मंच में जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में गुजरात राज्य के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। जापान की सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन (एसएमसी) ने रविवार को कहा कि वह इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और बैटरी के स्थानीय विनिर्माण के लिए 10,440 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कहां-कहां होगा निवेश? आपको बता दें कि इसमें से 3100 करोड़ रुपये का निवेश 2025 में सुजुकी मोटर गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी बनाने के लिए एक प्लांट स्थापित करने के लिए 7300 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस डील से होगा फायदा जैसा की हम सब जानते हैं कि पेट्रोल-डीजल एक सीमित संसाधन है। वर्तमान में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर लोगों को इसके उपाय के रूप में इलेक्ट्रिक गाड़ियां दिख रही हैं। लेकिन समस्या ये है कि सीएनजी और डीजल-पेट्रोल की तुलना में इलेक्ट्रिक गाड़ियां अभी काफी महंगी हैं। ऐसे में सुजुकी का यह निवेश महंगी ईवी की कीमतों को कम कर सकता है, क्योंकि जब ईवी का निर्माण भारत में होगा, तो बाजार में कंपटिशन भी बढ़ेगा। सप्लाई चैन ठीक रहेगी और गाड़ियों के दाम भी कम होंगे। डील के दौरान शामिल हुए दिग्गज लोग जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में ये डील हुई। इस दौरान तोशीहिरो सुजुकी प्रतिनिधि निदेशक और अध्यक्ष सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन और केनिची आयुकावा, प्रबंध निदेशक और सीईओ, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड इस समारोह में भारत और जापान के प्रतिष्ठित वरिष्ठ सरकारी कर्मियों के साथ शामिल हुए। आत्मनिर्भर भारत के लिए होगा निवेश फोरम में बोलते हुए तोशीहिरो सुजुकी ने कहा कि सुजुकी का भविष्य का मिशन छोटी कारों के साथ कार्बन तटस्थता हासिल करना है। उन्होंने कहा कि हम आत्मनिर्भर भारत (आत्म-निर्भर भारत) को साकार करने के लिए भारत में सक्रिय निवेश जारी रखेंगे।