मोदी सरकार की PLI स्कीम का असर, ऑटो सेक्टर में अगले 5 साल में 74,850 करोड़ रुपये निवेश की उम्मीद

मोदी सरकार की PLI स्कीम का असर, ऑटो सेक्टर में अगले 5 साल में 74,850 करोड़ रुपये निवेश की उम्मीद
ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना ने अगले पांच वर्षों के लिए 74,850 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को आकर्षित किया है, जो कि 42,500 करोड़ रुपये के नियोजित लक्ष्य से 76.11 प्रतिशत अधिक है। भारी उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, 45,016 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश चैंपियन ओईएम प्रोत्साहन योजना के तहत स्वीकृत आवेदकों से और 29,834 करोड़ रुपये कंपोनेंट चैंपियन प्रोत्साहन योजना के तहत स्वीकृत आवेदकों से है। भारत में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए पीएलआई योजना के तहत कुल 115 कंपनियों ने अपना आवेदन दाखिल किया था, जिसे 23 सितंबर 2021 को अधिसूचित किया गया था। इनमें से पांच ऑटो ओईएम कंपनियों ने योजना के दोनों हिस्सों के लिए आवेदन किया था। आपको बता दें, यह योजना 9 जनवरी 2022 तक आवेदन प्राप्त करने के लिए खुली थी। 1 अप्रैल 2022 से भारत में निर्मित एडवांस ऑटोमोटिव टेक्नालॉजी (एएटी) प्रोडक्ट्स (व्हीकल और कंपोनेंट) की निर्धारित बिक्री के लिए योजना के तहत प्रोत्साहन लगातार 5 वर्षों की अवधि के लिए लागू होते हैं। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने एक बयान में कहा है कि जबरदस्त प्रतिक्रिया से पता चलता है कि उद्योग ने विश्व स्तरीय विनिर्माण गंतव्य के रूप में भारत की शानदार प्रगति में अपना विश्वास व्यक्त किया है, जो प्रधान मंत्री के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान के साथ दृढ़ता से प्रतिध्वनित करता है। भारत निश्चित रूप से स्वच्छ, टिकाऊ, एडवांस और अधिक कुशल इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) आधारित प्रणाली की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाएगा। सरकार ने 25,938 करोड़ रुपये के बजटीय आउटलेट के साथ एडवांस ऑटोमोटिव प्रोडक्ट्स (एएटी) के लिए भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए पीएलआई योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्यों में लागत की अक्षमताओं पर काबू पाना, पैमाने की अर्थव्यवस्था बनाना और एएटी उत्पादों के क्षेत्रों में एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना शामिल है। इससे रोजगार भी पैदा होगा। यह योजना ऑटोमोबाइल उद्योग को मूल्य श्रृंखला को उच्च मूल्य वर्धित उत्पादों में स्थानांतरित करने की सुविधा प्रदान करेगी