पुसौर: विगत 29 अप्रैल से प्रारंभ हुए व्यक्तित्व निर्माण युवा शिविर का आज समापन समारोह संपन्न हुआ! अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रकोष्ठ द्वारा पांच दिवसीय जिला स्तरीय व्यक्तित्व निर्माण युवा आवासीय शिविर पुसौर नगर में विगत 5 दिनों से चलाया जा रहा था! यह शिविर पूरे छत्तीसगढ़ प्रांत में चलाए जा रहे युवा शिविरों की श्रृंखला में इस सत्र का पहला शिविर था! इस युवा शिविर में कुल 117 शिविरार्थी अपना पंजीयन करा कर शिविर में सम्मिलित हुए !शिविरार्थियों को उनके व्यक्तित्व निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों जैसे जीवन लक्ष्य केरियर निर्माण, तनाव प्रबंधन, बुद्धि बढ़ाने की वैज्ञानिक विधि व्यक्तित्व निर्माण के सूत्र, स्वस्थ जीवन के सूत्र, कर्म फल का सिद्धांत, व्यसन मुक्ति एवं कुरीति उन्मूलन, स्वाध्याय जीवन की अनिवार्य आवश्यकता, परिवार निर्माण, आदि महत्वपूर्ण विषय पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया! प्रशिक्षक टोली में श्री डी आर चौहान, श्रीमती पार्वती चौहान, भूपेंद्र भोय, उत्तम यादव के प्रशिक्षक के रूप में पधारे! शिविरार्थियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था मंगल भवन में एवं उनके आवास एवं भोजन की व्यवस्था अभिनव विद्या मंदिर में की गई थी! शिविर के तीसरे दिन नगर में व्यसन मुक्ति रैली पूरे जोर-शोर के साथ निकाली गई! इसमें पूरे रायगढ़ जिले के गायत्री परिजन भी आकर सम्मिलित हुए!यह रैली नगर के मुख्य मार्गो, बस्ती, आवासीय इलाकों से भ्रमण करते हुए शिविर स्थल वापस पहुंची! इस पूरे भ्रमण के दौरान नगर वासियों को नशे के दुष्परिणाम एवं नशे की बुराइयों से नारों, अभिनय के माध्यम से अवगत कराया गया! चतुर्थ दिवस को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें शिविरार्थियों ने आध्यात्मिक पूर्ण वातावरण में अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां दी! शिविर के अंतिम दिन आज शिविरार्थियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार वितरण किए गए! वरिष्ठ परिजनों गुणनिधि सतपथी, अवधूत साव, राम अवतार अग्रवाल, अभयराम नायक, जिला संयोजक हीरालाल डनसेना, बी एल डनसेना ने बच्चों का मार्गदर्शन किया! शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान श्रीमती किरण श्रीवास्तव, किसलय किशोर श्रीवास्तव, अक्षय सतपथी, समीर गढ़तिया, दीपक गढ़तिया, एसपी जायसवाल, अमन अग्रवाल, रामकुमार डनसेना, सुभाषिणी गोपाल, श्रीमति यज्ञसिनी मिश्रा, अरविंद प्रधान, उद्धव प्रधान, दिलीप गुप्ता, सरनदास एवं जिले के सभी समर्पित गायत्री परिजनों का रहा!



