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तीन लाख 10 हजार से अधिक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण.

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Construction of more than three lakh ten thousand earthen Shivlingas.

जन कल्याण एवं विश्व कल्याण के लिए भैरव बाबा रतनपुर मे रुद्राभिषेक एवं रूद्र यज्ञ

Ro.No - 13672/156

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के धर्म नगरी रतनपुर के श्री सिद्ध तंत्र पीठ भैरव बाबा मंदिर में एक माह का हो चलेगा श्रावणी महोत्सव का आयोजन बता दे की इस बार एक माह तक की चलेगा जिसमें भगवान शिव की आराधना की जा रही है । इस श्रावण माह शिव भक्तों के लिए खास होता है यहीं वजह है की भगवान शिव की विधि विधान से पूजा अर्चना करने मे शिव भक्त जुटे हुए है।

शिव के पांच वे अवतार भगवान भैरव बाबा के मंदिर परिसर मे 5 लाख शिवलिंग का निर्माण

रतनपुर नगर कोतवाल भैरव बाबा के मंदिर परिसर मे हर साल की तरह इस साल भी किया किया जा रहा है पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा सावन के दूसरे सोमवार तक 3लाख 10हजार पार्थिव शिवलिंग निर्माण हो चुका है किसी यज्ञ के मुख्य जजमान के रूप में नैना अवस्थी ने पूजन में संकल्प जन कल्याण एवं विश्व का लेकर पूजन की शुरुआत की गई । भगवान शिव के पांचवें अवतार बाबा भैरव नाथ किया जा रहा रूद्र अभिषेक पिछले वर्ष दो माह की श्रावण होने की वजह से पांच लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया गया था जो लक्ष्य से अधिक निर्माण हो गए इस लिया इस बार 5लाख शिवलिंग बनाने का लक्ष्य रखा। जो सावन के दूसरे सोमवार को 3लाख 10 हजार निर्माण हो गया है ।

वही भैरव मंदिर के मुख्य पुजारी पं जागेश्वर अवस्थी ने बातया की 6 साल से अनवरत श्रावण महीने मे मंदिर परिसर में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण एवं
रुद्रा अभिषेक एवं रुद्र महायज्ञ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है।

पूजन का समय

रूद्र यज्ञ एवं अभिषेक के आचार्य पंडित गिरधारी लाल पांडे ने बताया पूजन का समय प्रति दिन सुबह 8 बजे से वेदी पूजन वैदिक विधान मे 10 बजे तक 1 बजे तक भगवान शिव का रूद्र अभिषेक तथा शाम 4 बजे से रुद्र महायज्ञ शुरू होगा जो शाम 7 बजे तक आरती पुष्पाजलि किया जाता है ।
कौन सा कामना को लेकर किस औषधि करें अभिषेक

पंडित कान्हा तिवारी ने बातया की कौन सा कामना को लेकर किस पदार्थ से अभिषेक करने से कौन सा कामना होती है पूरी और क्या रूद्र अभिषेक क्या है महत्व
अभिषेक करते समय रुद्राष्टाध्यायी का पाठ किया जाता है जो अलग-अलग पवित्र पदार्थों से होता है और पदार्थों के अनुरूप इनका फल भी अलग-अलग बताया गया है.– शिव का जल से अभिषेक करने पर वर्षा होती है.– कई तीर्थों के जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है.– भगवान शिव का दही से अभिषेक करने पर भवन एवं वाहन की प्राप्ति में सफलता मिलती है.– गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करने से धन की प्राप्ति होती है.– शहद एवं घी से रुद्राभिषेक करने से धन सम्पदा में वृद्धि होती है.– सरसों के तेल से रुद्राभिषेक करने से शत्रुओं पर जीत हासिल होती है.– गाय के दूध एवं शुद्ध घी से रुद्राभिषेक करने से आरोग्यता प्राप्त होती है.– दूध और शक्कर से अभिषेक करने से मूर्ख प्राणी भी विद्वान हो जाता है.– इत्र एवं जल के अभिषेक करने से बीमारियों का नाश होता है.।

पंडित गिरधारी लाल पांडेय के द्वारा रूद्र महायज्ञ मे पं. माहेश्वर पांडे, राजेंद्र दुबे पं दीपक (विक्की) अवस्थी,
सहित मंदिर प्रबंधन के सदस्य रवि ताम्बेली सहयोग दे रहे हैं।

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