The market of Garpa village of Abujhmad area which was closed for years due to Naxal fear has started again
गारपा में बाजार लगने से क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने मिला
अब माड़ क्षेत्र में पुनः प्रारंभ हो रही है हाट-बाजार मड़ई-मेला की परम्परा
जिला मुख्यालय नारायणपुर से ग्राम गारपा तक प्रतिदिन चल रही यात्री बस एवं निजी गाड़िया
क्षेत्र में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजनाओ/परियोजनाओं का समग्र हो रहा है विस्तार
नारायणपुर@अबूझमाड़ ग्राम गारपा एवं आसपास क्षेत्र के ग्रामीणों की मांग पर नारायणपुर पुलिस के प्रयासों से गारपा में दिन गुरूवार से साप्ताहिक बाजार लगना प्रारंभ हुआ है। अब क्षेत्र के ग्रामीणों को दैनिक उपयोगी सामाग्री के लिए जिला मुख्यालय नारायणपुर या कही अन्यंत्र दूर जाना नहीं पड़ेगा समय की भी बचत होगी और आसानी से ग्राम गारपा के साप्ताहिक बाजार में जरूरत के सभी सामान मिल जायेगी।कई वर्ष पूर्व ग्राम गारपा में बाजार लगता था किन्तु नक्सलियों द्वारा क्षेत्र के ग्रामीणों व व्यापारियों को डरा धमकाकर गारपा बाजार बंद करवा दिया गया था। जहॉ पर पुनः बाजार लगना प्रारंभ हुआ है। अब आदिवासी परम्परा के अनुसार हाट-बाजार, मड़ई-मेला माड़ क्षेत्र में पुनः प्रारंभ होगी अब लोगों के चेहरों में खुशियां देखने मिल रही है। ग्राम गारपा में पुलिस जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प स्थापित होने के पश्चात नारायणपुर जिला प्रशासन एवं नारायणपुर पुलिस के प्रयासों से जल्द ही रोड निर्माण कराया गया और कोण्डागांव-नारायणपुर को सोनपुर होते हुए सितरम तक जोड़ने वाली प्राचीन सड़क जो नक्सलवाद प्रकोप से 30 साल मे बंद पड़ी थी जिसमें बस सुविधाए प्रारंभ हुई है क्षेत्र के ग्रामीण अब जिला मुख्यालय नारायणपुर तक बस सुविधा का लाभ ले रहे है। इस रोड में यात्री बस एवं निजी गाड़िया भी दौड़ रही है। विकास और नक्सल विरोधी अभियान के मिश्रण से नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र में लगातार घट रहा है। ग्रामीणों में विकास की उम्मीद और मांग दोनों बढ़ रही है। बहुत जल्द ही अन्य पहुंचविहीन क्षेत्रों में भी सड़क निर्माण के साथ -साथ विकास की अन्य योजनाओं और परियोजनाओं को तेजी से पहुंचाया जाएगा।





