केंद्र सरकार ने 50 रुपये का सिक्का जारी करने से किया इनकार
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका के जवाब में स्पष्ट किया है कि फिलहाल 50 रुपये या उससे कम मूल्य के ऐसे सिक्के जारी करने की कोई योजना नहीं है, जिन्हें नेत्रहीन व्यक्ति आसानी से पहचान सकें। यह याचिका नेत्रहीनों के लिए आसानी से पहचान योग्य सिक्के जारी करने का निर्देश देने की मांग कर रही थी।
केंद्र सरकार का जवाब
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति अनीश दयाल की पीठ के समक्ष केंद्र सरकार ने बताया कि आमजन इस मूल्य वर्ग में नोटों को प्राथमिकता देते हैं, इसलिए 50 रुपये का सिक्का लाने की कोई योजना नहीं है।
मामले की सुनवाई के दौरान, अदालत ने पाया कि सरकार द्वारा दाखिल हलफनामा अभी तक रिकॉर्ड पर नहीं था। इसके बाद अदालत ने रजिस्ट्री को हलफनामा रिकॉर्ड पर लाने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।
आरबीआई के सर्वे का हवाला
वित्त मंत्रालय के सिक्का और मुद्रा प्रभाग के अवर सचिव द्वारा दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2022 में एक सर्वे किया था। इस सर्वे में सामने आया था कि 10 और 20 रुपये की राशि के लिए लोग सिक्कों की तुलना में नोटों को अधिक पसंद करते हैं। इसी आधार पर 50 रुपये का सिक्का लाने की कोई योजना नहीं बनाई गई।
मौजूदा सुविधाएं और नई श्रृंखला के नोट
सरकार ने यह भी बताया कि 2019 में एक नई श्रृंखला के सिक्के जारी किए गए थे। इसके अलावा, 2016 में जारी नई श्रृंखला के नोटों में आंशिक दृष्टिबाधितों के लिए तेज रंगों का उपयोग किया गया है, और पूर्ण दृष्टिबाधितों के लिए उभरी छपाई (इंटालियो प्रिंटिंग) जैसे स्पर्श-सहायक चिन्ह भी शामिल किए गए हैं। हालांकि, यह भी उल्लेख किया गया कि 10, 20 और 50 रुपये के नए नोटों में यह विशेष सुविधा नहीं है।
दृष्टिबाधितों की सुविधा के लिए, सरकार ने 2020 में मोबाइल ऐप ‘मनी’ (मोबाइल एडेड नोट आइडेंटिफायर) लॉन्च किया था, जिससे वे नोटों की पहचान कर सकें।
इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए तारीख अभी तय नहीं की गई है।



