जांजगीर (छत्तीसगढ़)। जांजगीर जिले के नैला रेलवे फाटक पर शुक्रवार रात दशहरा के ठीक अगले दिन एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ ड्यूटी पर तैनात शराबी गेटमैन की घोर लापरवाही के कारण राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। गेटमैन लगभग 45 मिनट तक फाटक बंद करके नशे में धुत होकर सोता रहा, जबकि दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
45 मिनट तक बंद रहा फाटक
घटना शुक्रवार, 3 अक्टूबर की रात करीब 10:20 बजे की है। नैला रेलवे फाटक बंद था, और गेटमैन पोर्टर संतोष कुमार अंदर अपने कमरे में दरवाजा बंद करके सोया हुआ था। लोगों को लगा कि कोई ट्रेन गुजरने वाली होगी, इसलिए फाटक बंद किया गया है।जब 45 मिनट तक न कोई ट्रेन गुजरी और न ही फाटक खुला, तो परेशान लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और गेटमैन के कमरे तक पहुँचे। खटखटाने पर पोर्टर संतोष कुमार लड़खड़ाते हुए बाहर निकला।जब लोगों ने उससे फाटक बंद रखने का कारण पूछा, तो उसने बेतुका जवाब दिया, “आज दशहरा है।”
रेलवे ने किया तत्काल निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए, वहाँ मौजूद ट्रैफिक आरक्षक ने तत्काल स्टेशन मास्टर को सूचना दी। स्टेशन मास्टर ने बताया कि गेटमैन को फाटक खोलने के लिए तीन बार सूचना दी जा चुकी थी, लेकिन उसने अनदेखी की।स्टेशन मास्टर की सूचना पर देर रात आरपीएफ (RPF) की टीम नैला फाटक पहुँची और नशे में धुत पोर्टर संतोष कुमार को हिरासत में लिया।अगले दिन रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने नैला स्टेशन का मुआयना किया।लापरवाही और नशे में ड्यूटी करने के आरोप में रेलवे प्रशासन ने पोर्टर संतोष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।



