In Jamgaon, Narharpur, prayer services continue at an illegal church despite administrative orders to the contrary; villagers accuse the police of collusion.
नरहरपुर । कांकेर जिले के नरहरपुर ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम जामगांव में अवैध चर्च निर्माण और धर्मांतरण की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के निवासी लखन यादव की निजी भूमि पर अवैध रूप से चर्च भवन का निर्माण किया गया है। इस मामले में राजस्व न्यायालय द्वारा 30 अक्टूबर गुरुवार को अवैध चर्च को हटाने का फैसला सुनाया गया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने इसे अवैध चर्च को नहीं हटाया है।
मामले में तहसीलदार का कहना है कि पुलिस बल की अनुपलब्धता के कारण कार्रवाई रुकी हुई है। वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि हर रविवार को नरहरपुर थाना की पुलिस चर्च के सामने मौजूद रहती है, लेकिन वह अवैध प्रार्थना सभा को रोकने के बजाय उसे सुरक्षा प्रदान करती नजर आती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की मिलीभगत से ही यह अवैध गतिविधियां फल-फूल रही हैं।
उल्लेखनीय है कि जामगांव ‘पांचवीं अनुसूची’ क्षेत्र के अंतर्गत आता है। ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर गांव में बाहरी पादरियों के प्रवेश और धर्मांतरण संबंधी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। गांव की सीमा पर ‘धर्मांतरण पादरी पास्टर निषेध’ का बोर्ड भी लगाया गया है, लेकिन इसके बावजूद हर रविवार को बाहरी व्यक्तियों का आना और प्रार्थना सभा आयोजित करना जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने नरहरपुर थाना प्रभारी को बार-बार इस स्थिति से अवगत कराया है। थाना प्रभारी द्वारा हर बार आश्वासन दिया जाता है कि सभा बंद करवाई जाएगी, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्यायालय के आदेश का पालन नहीं हुआ और अवैध प्रार्थना सभा बंद नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।



