पात्रा चॉल घोटाले में संजय राउत की पत्नी वर्षा से ED की पूछताछ, पहली बार हुईं पेश

ED questioned Sanjay Raut's wife Varsha in Patra Chawl scam appeared for the first time

पात्रा चॉल घोटाले में संजय राउत की पत्नी वर्षा से ED की पूछताछ, पहली बार हुईं पेश

(ED questioned Sanjay Raut's wife Varsha in Patra Chawl scam, appeared for the first time)

मुंबई के पात्रा चॉल घोटाले में ED शिवसेना सांसद संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत से पूछताछ कर रही है. ED ने इसी सप्ताह की शुरुआत में वर्षा राउत को समन जारी किया था. वर्षा राउत ईडी के सवालों का जवाब देने के लिए पहली बार पेश हुई हैं. बताया जा रहा है कि ED संजय राउत और वर्षा को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर सकती है.

मुंबई में शिवसेना सांसद संजय राउत के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब उनकी पत्नी वर्षा राउत से भी पूछताछ कर रही है.  वर्षा राउत शनिवार को पात्रा चॉल घोटाले और लेनदेन में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के मामले में ED के सामने पेश हुईं.


ED ने इसी सप्ताह की शुरुआत में वर्षा राउत को समन जारी किया था. उन्हें शनिवार को ईडी ऑफिस में पेश होना था. इसी के मुताबिक वर्षा राउत आज सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर दक्षिण मुंबई के बलार्ड एस्टेट स्थित ईडी कार्यालय पहुंचीं.

इस दौरान ED ऑफिस के बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. केंद्रीय जांच एजेंसी मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चॉल के पुनर्विकास से संबंधित 1034 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले की जांच कर रही है.

ईडी ने पात्रा चॉल घोटाले में संजय राउत को 1 अगस्त को गिरफ्तार किया था. जबकि गुरुवार को एक स्थानीय अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाते हुए उन्हे 8 अगस्त तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया था.

ED ने पहले अदालत को बताया था कि संजय राउत और उनके परिवार को पात्रा चॉल घोटाले में एक करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई थी. 
प्रवर्तन निदेशालय ने अप्रैल में अपनी जांच के तहत वर्षा राउत और संजय राउत के 2 सहयोगियों की 11.15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था.

ED का दावा है कि वर्षा राउत के पास मुंबई के दादर में एक फ्लैट और अलीबाग में किहिम बीच पर आठ प्लॉट शामिल हैं. ये प्रॉपर्टी वर्षा राउत और स्वप्ना पाटकर ने खरीदी थी. स्वप्ना पाटकर संजय राउत के सहयोगी सुजीत पाटकर की पत्नी हैं. हालांकि स्वप्ना से भी ईडी इस मामले में पूछताछ कर चुकी है.

ईडी ने पहले कहा था कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड चॉल के पुनर्विकास में शामिल था, जिसमें महाराष्ट्र हाउसिंग एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) से संबंधित 47 एकड़ में 672 किरायेदार रहते थे.