हड़ताल पर कर्मचारी संगठन आमने-सामने: फेडरेशन कल करेगा हड़ताल खत्म, टीचर्स एसोसिएशन का रहेगा जारी, फेडरेशन पर धोखा देने का आरोप

Employees union face to face on strike: Federation will end strike tomorrow Teachers Association will continue accusing Federation of cheating

हड़ताल पर कर्मचारी संगठन आमने-सामने: फेडरेशन कल करेगा हड़ताल खत्म, टीचर्स एसोसिएशन का रहेगा जारी, फेडरेशन पर धोखा देने का आरोप

(Employees union face to face on strike: Federation will end strike tomorrow, Teachers Association will continue, accusing Federation of cheating)

रायपुर। केंद्र के समान महंगाई भत्ता व गृह भाड़ा भत्ता के दो सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे छतीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की हड़ताल का कल अंतिम दिन है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने अब से कुछ देर पहले 29 जुलाई से हड़ताल समाप्त करने की बात कही। तो वहीं, छतीसगढ़ टीचर्स एसोशिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने फेडरेशन पर धोखा देने का आरोप लगाया हैं।

दो सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने 25 से 29 जुलाई तक हड़ताल का निर्णय लिया था। उसके दो दिन पहले शनिवार रविवार व उसके दो दिन बाद फिर शनिवार व रविवार की छुट्टी होने म चलते 9 दिनों तक स्कूलों व दफ्तरों में ताला लटक गया हैं। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा का दावा हैं कि उनके साथ 86 सँगठनो का समर्थन हैं। फेडरेशन के अलावा छतीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा, छतीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ,नवीन शिक्षक संघ के अध्यक्ष विकास राजपूत ने भी दो सूत्रीय मांगों को लेकर 25 जुलाई से जलाभिषेक कर हड़ताल की शुरुवात की हैं। हालांकि उन्होंने शुरू से ही मांगे पूरी होने पर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठने की बात कहि थी।

कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के अध्यक्ष कमल वर्मा ने एनपीजी से बात करते हुए बताया कि हमने अपनी मांगों को लेकर 4 चरणों मे आंदोलन शुरू किया है। जिसके तहत पहले चरण में 30 मई को ब्लाक व जिला मुख्यालयों में अपनी मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा गया है। दूसरे चरण में 29 जून को प्रदेश व्यापी बंद किया गया व तीसरे चरण में 25 से 29 जुलाई तक हड़ताल किया गया। हड़ताल का कल अंतिम दिन है। कमल वर्मा ने एनपीजी को बताया कि हड़ताल के कल अंतिम दिन में हर ब्लाक व जिला मुख्यालयों में बड़ी रैली निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौपेंगे। उसके बाद हम हड़ताल समाप्त कर देंगे व कार्यालयों में जाकर काम करेंगे। वही हड़ताल के चौथे चरण के बारे में पूछे जाने पर कमल वर्मा ने एनपीजी से चर्चा के दौरान कहा कि 31 जुलाई को फेडरेशन के नेताओं की बैठक बुलाई गई है। हमे 86 कर्मचारी अधिकारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। हम सभी मिल कर अनिश्चित कालीन हड़ताल के लिए रणनीति बनाएंगे और फिर तिथि तय होने पर सरकार को अल्टीमेटम देकर अनिश्चित कालीन हड़ताल में चले जायेंगे। कमल वर्मा ने बताया कि हमने पहले ही चार चरणों मे हड़ताल घोषित की थी। जिसमे से तीसरा चरण कल पूरा हो रहा है। हमारा चौथा चरण अनिश्चित कालीन हड़ताल ही हैं। जिसे हम अगस्त में करने की योजना बना रहे हैं और सभी साथी मिल कर तिथि तय करेंगे।

हड़ताल विफल करने का संजय शर्मा ने लगाया आरोप:-

टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि फेडरेशन द्वारा घोषित हड़ताल के अंतिम दिन 29 जुलाई को जो ज्ञापन कर्मचारी - अधिकारी फेडरेशन द्वारा सौपा जाना है उसमें 2 सूत्रीय मांग डीए व एच आर ए के अलावा अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण व रसोइया संघ के मांग को शामिल करने कमल वर्मा जी ने सभी जिला संयोजक को पत्र लिखा है, बड़ी विडंबना है कि शिक्षक, कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल के बीच मे 26 जुलाई को 2 सूत्रीय मांग के अलावा अन्य मांग करने निर्देश जारी होता है, शायद फेडरेशन ने मान लिया था कि महंगाई भत्ता दूर की कौड़ी है, 26 को फेडरेशन ने मांग बदल दिया और 27 जुलाई को मुख्यमंत्री ने यथासमय विचार का बयान दे दिया।

अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ ने कहा कि यह फेडरेशन का मांग पत्र है, प्रदेश के 4.5 लाख कर्मचारी व अधिकारी को केवल यही बताया गया गया कि 25 से 29 जुलाई तक मात्र 2 सूत्रीय डी ए व एच आर ए के लिए हड़ताल है, किन्तु अब डी ए व एच आर ए की मांग फेडरेशन की प्राथमिकता में नही बल्कि अनियमित कर्मचारी व रसोइया के लिए ही अब यह हड़ताल समर्पित है, यह आंदोलन भटक गया है, कर्मचारियो व अधिकारियों के लिए फेडरेशन ने अन्य मांग रखकर अन्याय कर दिया है, डी ए व एच आर ए की मांग को फेडरेशन ने स्वयं ही शून्य कर दिया है, केवल 2 मांग के लिए ही कर्मचारियो व अधिकारियों को इस हड़ताल में लाया गया था किंतु कर्मचारियो के कठिन व दृढ़ संकल्प के इस हड़ताल का परिणाम फेडरेशन ने शून्य कर धोखा दिया है, हमारे अनिश्चितकालीन हड़ताल को भी अन्य 2 मांग के जोड़ने के बाद धक्का लगा है। किसी दूसरे दिवस अन्य कर्मचारियो के लिए मांगपत्र दिया जा सकता था।

संजय शर्मा ने कहा है कि हमे केवल 2 सूत्रीय मांग रखकर कर्मचारियो व शिक्षको के सम्मान को रखना चाहिए, फेडरेशन से अब ईमानदारी से महंगाई भत्ता का संघर्ष नही होगा क्योकि यह हड़ताल अब अनियमित कर्मचारी व रसोइया की मांग पर बदल दिया गया है। हड़ताल के अंतिम दिन ही अन्य मुद्दे पर मांग कर फेडरेशन ने 4.5 लाख कर्मचारी व अधिकारी के संघर्ष को मजाक बनाते हुए जाया कर दिया है। आज बिलासपुर के नेहरू चौक के धरना स्थल में संजय शर्मा व उनके सहयोगी संघो ने हरेली तिहार के दिन, रापा, कुदाली, कृषि औजार, गेड़ी, बैल आदि की पूजा की।

संजय शर्मा, ने बताया कि 29 जुलाई को सभी संभाग में रैली, प्रदर्शन कर कमिश्नर को मुख्यमंत्री के लिए 2 सूत्रीय मांगपत्र दिया जाएगा।

30 जुलाई को डीए की मांग को लेकर प्रदेश भर के कर्मचारी रायपुर में धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी, रैली निकालकर मुख्यमंत्री जी के लिए कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा।

संजय शर्मा के द्वारा लगाए गए आरोपो में फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि यह हमारे फेडरेशन का निर्णय है जिसे सभी साथियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। इसमें संजय शर्मा जी को टिप्पणी करने का कोई अधिकार नही हैं।