मिरतुर विस्थापित आश्रमों में जिम्मेदारों की अनदेखी खिड़की टूटे-फूटे तो कहीं रोशनदान खुली दिखी मच्छरों का बढ़ा प्रकोप बच्चे की मौत का बना कारण

मिरतुर विस्थापित आश्रमों में जिम्मेदारों की अनदेखी खिड़की टूटे-फूटे तो कहीं रोशनदान खुली दिखी मच्छरों का बढ़ा प्रकोप बच्चे की मौत का बना कारण


मंडल संयोजक की अनदेखा नाम नहीं बताने की सर्त अधीक्षकों ने खोली राज

बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला-जिले के भैरमगढ़ ब्लाक अंतर्गत संचालित कुछ आश्रमों कि इन दिनों की हालत इस कदर बिगड़ी है एक नजर आश्रमों में लगे खिड़की सड़ टूट गई तो कहीं रूम में नहीं लगे दरवाजे तो वही रोशन दानों में खुली रोशनी अंदर आती है पर मच्छरों को रोकने के लिए किसी भी तरह छोटे काने जाली तक इस्तेमाल नहीं होना साफ दर्शाता है कि मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रही है जिसके कारण से यहां पढ़ने वाले बच्चे जो प्राथमिक स्तर के रहते हैं वह इसके शिकार हो रहे वही मच्छरों के काटने वह कुछ मे गंदगी के आलम से मलेरिया का प्रकोप भी बढ़ रहा है वहीं स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौतियों का सामना तो एक तरफ स्वास्थ्य विभाग मे डॉक्टरों की कमी से झेल रहा तो बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं कम मिल रही है वही जिम्मेदार कुछ अधिकारी पर नाम नहीं बताने की सर्त पर अधीक्षकों ने खोला राज इसमें कहा गया कि क्षेत्र के मंडल संयोजक की लापरवाही साफ है जिन्हें हिसाब चाहिए पर आश्रम मे क्या चाहिए, क्या कमी किस तरह व्यवस्था है इसकी इन्हें कोई परवाह नहीं है, जानकार कहते हैं निर्माण रिपेयरिंग कार्य इंजीनियर के साथ रहकर उनकी देखरेख में करना होता है पर वर्तमान हालात देख समझ सकते हैं किस तरह हुआ । वही बीच रास्ते में भी रोककर कुछ से बड़ी आवाज में गाली गलोज तक करने के गंभीर बात सूत्रों के हवाले से निकल कर आया हम नहीं करते इसकी पुष्टि। वही सामने शिकायत करने से कतरा रहे हैं, वही सिर्फ अधीक्षक के निलंबन पर खफा सभी अधीक्षक कई बार  जनप्रतिनिधियों को भी कुछ जिम्मेदार शिकायत करने वाली बात की लगी खबर कार्यवाही शूूून्य । अब देखना होगा कि खबर लिखे जाने के बाद प्रशासन टूटे फूटे दरवाजे खिड़कियां व रोशनदान में जालिया लगाती है या नहीं देखने वाली बात होगी पर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाना बहुत जरूरी है यह  दिखता है।

आरोपों के संबंध में जानने मंडल संयोजक भैरमगढ़ अश्वनी कश्यप के पास कॉल किया गया पर उन्होने कॉल अटेंड नहीं किया ।