अवैध शराब बिक्री की झूठी सूचना पर घर पहुंची पुलिस, युवक को बेरहमी से पीटा

Police reached home on false information about illegal liquor sale brutally beat up the young man

अवैध शराब बिक्री की झूठी सूचना पर घर पहुंची पुलिस, युवक को बेरहमी से पीटा

(Police reached home on false information about illegal liquor sale, brutally beat up the young man)

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के बाद जांजगीर में पुलिसकर्मियों पर एक युवक को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है. पीड़ित ने एसएसपी से शिकायत की है.

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के बाद जांजगीर चांपा जिले में पुलिस कर्मियों के द्वारा एक युवक को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है. पुलिसवालों ने मिलकर एक युवक की जमकर पिटाई कर दी. जिससे युवक बुरी तरह घायल हो गया है. पीड़ित युवक ने मामले की शिकायत एसपी से की. जिसके बाद एसपी विजय अग्रवाल ने एक आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है. वहीं थाना में पदस्थ नगर सैनिक को हटा दिया गया है. मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है.

पुलिस ने की चंदन की पिटाई

दरअसल, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सिमरिया गांव में अवैध शराब बिक्री की जा रही है. इस सूचना के आधार पर 7 पुलिसकर्मी गांव पहुंचे. यहां चंदन गोंड (27 वर्ष) के घर पर दबिश दी. मगर उसके घर में शराब नहीं मिला. पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ की. जिसके बाद दो पुलिस कर्मियों ने मिलकर चंदन गोंड की जमकर पिटाई कर दी. पिटाई से चंदन बुरी तरह घायल हो गया. शरीर से काफी खून बह गया.

एसपी से की शिकायत

इसके बाद परिजनों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया. जहां उसका उपचार किया गया. स्वास्थ्य लाभ मिलने पर चंदन गोंड घटना के अगले दिन अपने परिजनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचा और पूरी घटना को जानकारी एसपी विजय अग्रवाल को दी. शिकायत में बताया कि घर में शराब नहीं मिला तो पुलिस कर्मियों ने उसे पीट दिया. मारपीट के बाद पुलिस कर्मी अपना डंडा भी छोड़ गए. चंदन के परिजनों ने एसपी को बताया कि 7 पुलिसकर्मी वर्दी ने नहीं थे. सिविल ड्रेस में थे. इनमें से 2 लोगों ने मारपीट की और 5 लोगों ने उनका साथ दिया.

पीड़ित ने रिश्वत मांगने का लगाया आरोप

पीड़ित चंदन के परिजनों ने पुलिस कर्मियों पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया है. मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी विजय अग्रवाल ने पामगढ़ थाना में पदस्थ महेंद्र राज और नगर सैनिक चंद्रशेखर प्रधान के खिलाफ एक्शन लिया. महेंद्र राज को निलंबित कर दिया, जबकि सैनिक चंद्रशेखर को थाने से हटा दिया गया है. वहीं मामले की जांच के लिए एसडीओपी को निर्देश दिया गया है.