वेतन का संकटः छत्तीसगढ़ में हड़ताल से इस बार एक तारीख को नहीं मिल, चतुर्थ श्रेणी, संविदा कर्मियों को बढ़ेगी मुश्किलें

Salary crisis: This time due to strike in Chhattisgarh class IV contractual workers will not get it on one date

वेतन का संकटः छत्तीसगढ़ में हड़ताल से इस बार एक तारीख को नहीं मिल, चतुर्थ श्रेणी, संविदा कर्मियों को बढ़ेगी मुश्किलें

(Salary crisis: This time due to strike in Chhattisgarh, class IV, contractual workers will not get it on one date)

रायपुर। केंद्र के बराबर डीए और एचआरए की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ में आज से कर्मचारी, अधिकारी फेडरेशन द्वारा आहूत हड़ताल प्रारंभ हो गई। हड़ताल को प्रदेश के 76 कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया है। शिक्षक संगठनों ने भी हड़ताल को खुलकर समर्थन देते हुए आज से स्कूल जाना बंद कर दिया। फेडरेशन के इस हड़ताल का व्यापक असर पड़ा है। राजधानी रायपुर से लेकर जिला, तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों स्थित सरकारी कार्यालय लगभग बंद समान हो गए हैं। आज सुबह से आफिसों में वीरानी छाई रही।
वहीं, शिक्षकों के स्कूल नहीं आने से सरकारी स्कूलों में तालेबंदी की स्थिति निर्मित हो गई है। गुरूजी लोग हड़ताल पर हैं, इसलिए बच्चे भी आज स्कूल नहीं आए। स्कूलों में आज मध्यान्ह भोजन भी नहीं बन पाया। कुछ स्कूलों में तो आज ताले भी नहीं खुले। कुछ स्कूलों में हेडमास्टर और प्रिंसिपल थोड़ी देर के लिए स्कूल आए, और शिक्षकों और स्टाफ की गैर मौजूदगी को देख वे भी ताल बंद कर घर लौट गए।
हड़ताल से सबसे बड़ी दिक्कत यह होगी कि कर्मचारियों, अधिकारियों को एक तारीख को वेतन नहीं हो पाएगा। महीने के आखिर में कर्मचारियों, अधिकारियों का वेतन बनता है। बताते हैं, कुछ विभागों के वेतन बनकर स्वीकृति के लिए विभाग प्रमुखों के पास पहुंच गए हैं तो कुछ विभागों में अभी वेतन पत्रक तैयार किया जाना था। अब कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे तो वेतन का मामला अटक जाएगा। जिन विभागों के वेतन बन गए हैं, वहां हड़ताल के चलते अब उसे स्वीकृति नहीं मिल पाएगी। फिर अधिकारियों के समक्ष अब बहाना रहेगा कि काम नहीं तो वेतन क्यों। जाहिर तौर पर अधिकारियों और तृतीय वर्ग कर्मचारियों तथा शिक्षकों को एकाध महीने वेतन नहीं मिलेगा तो उन्हें दिक्कत नहीं होगी। लेकिन, चतुर्थ श्रेणी और संविदाकर्मियों को वेतन काफी कम मिलता है। पहली तारीख को उन्हें तनख्वाह नहीं मिली तो उनके लिए परेशानी की बात होगी।