जब्त किए गए नकली 2,000 रुपये के नोटों की संख्या में जबरदस्त उछाल, सरकार ने संसद को दी जानकारी

There has been a tremendous jump in the number of fake Rs 2 000 notes seized the government informed the Parliament

जब्त किए गए नकली 2,000 रुपये के नोटों की संख्या में जबरदस्त उछाल, सरकार ने संसद को दी जानकारी

(There has been a tremendous jump in the number of fake Rs 2,000 notes seized, the government informed the Parliament)

Fake Currency: NCRB के डाटा के मुताबिक 2018 से 2020 के बीच जब्त किए गए नकली नोटों की संख्या में बढ़ोतरी आई है.
अगर आपके पास 2,000 रुपये के नोट हैं जरुर जांच कर लें ये असली है या नहीं. सरकार ने संसद को बताया है कि 2018 से 2020 के बीच जब्त किए जाने वाले नोटों की संख्या में बढ़ोतरी आई है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित में बताया है कि एनसीआरबी के डाटा के मुताबिक 2018 से 2020 के बीच जब्त किए जाली नोटों की संख्या बढ़ी है. 

2000 के नकली नोटों के जब्ती में इजाफा

2016 से लेकर 2020 के बीच जब्त किए गए 2000 रुपये के जाली नोटों की संख्या की जानकारी दी गई. जिसमें बताया गया कि 2016 में जहां 2,000 रुपये के केवल 2,272 जाली नोट जब्त किए गए थे उसकी संख्या बढ़कर 2017 में 74,898, 2018 में ये संख्या घटकर 54,776 पर आ गया था. लेकिन 2019 में फिर से ये संख्या बढ़कर 90,556 पर जा पहुंचा. और 2020 में एनसीआरबी के डाटा के मुताबिक कुल 2,44,834 नोट 2,000 रुपये के जब्त किए गए है. हालांकि  इसके बाद के अवधि की जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि सरकार ने संसद को बताया कि बैंकिंग सिस्टम में जब्त किए गए 2,000 रुपये के फेक करेंसी नोट्स की संख्या में 2018-19 से 2020-21 में घटी है. 2021-22 में बैंकिंग सिस्टम में 13,604 कुल 2,000 रुपये के नकली नोटों की पहचान की गई जो कुल सर्रकुलेशन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट का 0.000635 फीसदी है.  

नकली नोटों स्मलिंग पर सख्ती

वित्त राज्यमंत्री ने बताया कि नकली नोटों के चलन को रोकने के लिए हाईक्वालिटी नेक इंडियन करेंसी नोट्स के जांच के लिए एनआईए को नोडल एजेंसी बनाया गया है. साथ ही राज्यों और केंद्र सरकार के सिक्योरिटी एजेंसी के बीच खुफिया जानकारी साझा करने के लिए FICN कोर्डिनेशन ग्रुप बनाया गया  है. इसके अलावा एनआईए में टेटर फंडिंग और फेक करेंसी सेल बनाया गया है जो टेटर फंडिंग और नकली नोटों के मामलों की जांच करती है. उन्होंने बताया कि भारत-बांग्लादेश के बीच जानकारी साझा करने और जाली नोटों की स्मलिंग करने वालों की पहचान करने के लिए ज्वाइंट टास्क फोर्स भी बनाया गया है.

आरबीआई की रिपोर्ट

इससे पहले आरबीआई ने भी अपना सलाना रिपोर्ट में कहा था कि देश में 2021-22 में जाली नोटों की संख्या में 2020-21 के मुकाबले 10.7 फीसदी की बढ़ोतरी आई है. 2021-22 में 500 रुपये के 101.9 फीसदी ज्यादा जाली नोट मिले हैं. वहीं 2,000 के रुपये जाली नोटों की संख्या में 54.16 फीसदी की बढ़ोतरी आई है. 

जाली नोटों का असर

जाली नोटों से देश का आर्थिक ढांचा कमजोर पड़ता है. इससे महंगाई भी बढ़ोतरी आती है क्योंकि बैंकिंग सिस्टम में कैश फ्लो बढ़ता है. जाली नोटों से देश में गैरकानूनी ट्रांजैक्शन में बढ़ोतरी आती है क्योंकि ऐसे ट्रांजैक्शन वैध करेंसी का इस्तेमाल नहीं होता है.