तुलसीदास की रचना रामचरितमानस श्‍वास की तरह प्रत्‍येक हिंदू परिवार का अभिन्‍न अंग है :- योगेश तिवारी

तुलसीदास की रचना रामचरितमानस श्‍वास की तरह प्रत्‍येक हिंदू परिवार का अभिन्‍न अंग है :- योगेश तिवारी


आनंद गांव में आयोजित तुलसीदास जयंती समारोह में किसान नेता योगेश तिवारी हुए शामिल


बेमेतरा : बेरला ब्लाक के से ग्राम आनंदगांव की पावन धरा में गुरुवार को संत शिरोमणि तुलसीदास जयंती समारोह मनाया गया । समारोह के मुख्य अतिथि किसान नेता योगेश तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । इस अवसर पर किसान नेता ने कहा कि कवि और दार्शनिक तुलसीदास की रचनाए आज चार सदी बाद भी भारतीय समाज के अंतर्मन और उसके सांस्‍कृतिक-मनोवैज्ञानिक मानस का सर्वाधिक विश्‍वसनीय चित्रण है। हिंदी में कोई काव्‍य कृति इतनी लोकप्रिय नहीं हुई, जितना कि तुलसीदास रचित रामचरितमानस। आज भी रामचरितमानस श्‍वास की तरह प्रत्‍येक हिंदू परिवार का अभिन्‍न अंग है। विशुद्ध अवधी में की गई कविताई घर-घर में बोली जाती है, रामचरितमास का पाठ होता है। साहित्‍य तो बहुत कुछ सृजित किया जाता रहा है, लेकिन बहुत कम चीजें इस तरह बरसों-बरस भारतीय जनमानस में स्‍थायित्‍व पाती हैं, जैसा कि तुलसी के साथ दिखता है।

तुलसीदास की रचनाओं पर कलाकारों ने बांधा समां

इस अवसर पर श्री जय कृष्ण मानस मंडली आनंद गांव शिवशक्ति मानस मंडली तेलगा, जय दुर्गा मानस मंडली कोसपातर, आनंद मानस मंडली खर्रा, शक्ति संगम मानस परिवार भिम्भोरी के कलाकारों ने तुलसीदास की रचनाओं पर समा बांधा। कलाकारों ने भजन कीर्तन व रामचरित मानस की चौपाईयों को संगीत के साथ प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर अशोक कुमार मिश्रा मटका, व्याख्याकार राजेंद्र कुमार, सालिकराम वर्मा भिम्भोरी, पवित्र कुमार शर्मा आनंद गांव, भागवताचार्य विनय ताम्रकार बेरला, प्रसिद्ध तबला वादक मूलूराम वर्मा हरदी, बुधउराम साहू भरचट्टी उपस्थित थे ।