बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – कार्यालय के इन्द्रावती सभाकक्ष में कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में आदिवासी विकास विभाग बीजापुर द्वारा जिले में संचालित आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक, अधीक्षिकाओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता चौबे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास देवेन्द्र सिंह सहित विकास खण्डों के समस्त मण्डल संयोजक, आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाएं तथा कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी बीजापुर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जिन बच्चों के गांव में शासकीय विद्यालय उपलब्ध हैं, उनका प्रवेश उसी गांव के विद्यालय में कराया जाए। ऐसे विद्यार्थियों को आश्रम / छात्रावास में प्रवेश न दिया जाए जिन्हें निकटस्थ गांव के विद्यालय में प्रवेश मिल सकता है। शाला त्यागी एवं दुर्गम क्षेत्र के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर जिला कार्यालय की अनुमति के बाद प्रवेश दिया जा सकेगा। अन्य जिलों के वर्तमान में आश्रम/छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों को नवीन सत्र में उनके मूल गृह जिले में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। ऐसे बच्चों की सूची 08 अप्रैल 2026 तक मण्डल संयोजकों के माध्यम से कार्यालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में स्वीकृत सीट से अधिक प्रवेश नहीं दिया जाए। लंबे समय से अनुपस्थित छात्र-छात्राओं के संबंध में अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे पालकों से संपर्क स्थापित कर उन्हें छात्रावास में वापस लाने का प्रयास करें। यदि छात्र वापस नहीं आते हैं तो संचालन नियमावली के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा के दृष्टिकोण से संस्थान में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का विवरण आगंतुक पंजी में दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। ग्रीष्मकालीन एवं त्योहार अवकाश के बाद लौटने वाले विद्यार्थियों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, विशेष रूप से कन्या छात्रावासों में। प्रत्येक संस्था में भोजन परीक्षण पंजी संधारित करना अनिवार्य होगा। प्रतिदिन भोजन तैयार होने के बाद अधीक्षक, प्रभारी या नामित कर्मचारी द्वारा भोजन का स्वाद परीक्षण किया जाए और उसका विवरण पंजी में दर्ज किया जाए। इसमें परीक्षणकर्ता का नाम, दिनांक, समय, भोजन का प्रकार (नाश्ता, दोपहर, रात्रि), गुणवत्ता एवं स्वाद संबंधी टिप्पणी तथा हस्ताक्षर शामिल होंगे। सभी अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को निर्देशित किया गया कि स्टॉक पंजी अद्यतन रखें और उपलब्ध सामग्री का पूरा विवरण दर्ज करें। खराब सामग्री के अपलेखन हेतु समिति से अनुमोदन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रारंभ होने से पूर्व विद्यार्थियों को अवकाश पर भेजने की अनुमति नहीं देने तथा शासन द्वारा निर्धारित तिथि पर ही अवकाश प्रदान करने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और संस्थाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने पर विशेष जोर दिया गया।



