Bear becomes city inspector- sometimes creating terror in school, sometimes in home and sometimes on road
एमसीबी से भगवान दास की रिपोर्ट
एमसीबी/जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के मुख्यालय मनेंद्रगढ़ शहर में इन दिनों जामवंत महाराज (भालू) का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। दिनदहाड़े कभी अकेले तो कभी अपने परिवार के साथ शहर में विचरण करते ये भालू मानो शहर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हों। ऐसा प्रतीत होता है जैसे जंगल का यह हिंसक जानवर अब जंगल से ज्यादा शहर की रौनक और यहां के रहन-सहन को पसंद करने लगा है।
पिछले एक माह से लगातार यह दृश्य मनेंद्रगढ़ में देखने को मिल रहा है। सोमवार को भी एक भालू बदनसिंह मोहल्ले में घूमते हुए दिखाई दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, भालू कभी स्कूल परिसर में, तो कभी घरों के आंगन में घुसने की कोशिश करता रहा। इससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, भालू ने एसडीएम कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी पर हमला कर घायल भी कर दिया। घायल युवक का उपचार फिलहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ में जारी है।
संरक्षण और समाधान की जरूरत
विशेषज बताते हैं कि लगातार जंगलों के कटाव और प्राकृतिक आवास नष्ट होने से जंगली जानवर अब गांव-शहर की ओर रुख कर रहे हैं। भालू हो या हाथी – भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में ये जानवर मानव बस्तियों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में यह न केवल लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि वन्य जीवों के अस्तित्व के लिए भी चिंता का विषय है।
वन विभाग और प्रशासन को चाहिए कि समय रहते इनकी मॉनिटरिंग कर सुरक्षित रूप से इन्हें जंगल की ओर भेजने की व्यवस्था करें। साथ ही नागरिकों को भी जागरूक रहना होगा और वन्य जीवों को उकसाने या नुकसान पहुंचाने से बचना होगा।
वन्यजीवों का संरक्षण सिर्फ जंगल के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है।



