रायपुर। छत्तीसगढ़ से अब दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का समय आ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य से मानसून की वापसी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक पूरी होने की संभावना है, जिसके बाद प्रदेश में ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।
कब से बढ़ेगी ठंड?
मानसून की विदाई के तुरंत बाद दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा, लेकिन रात के तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी।
गुलाबी ठंड का अहसास: अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर नवंबर की शुरुआत तक सुबह और रात के समय हल्की गुलाबी ठंड महसूस होने लगेगी।
पारे में मुख्य गिरावट: न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट नवंबर मध्य के बाद दर्ज होने की उम्मीद है, जब उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं छत्तीसगढ़ तक पहुंचने लगेंगी।
तापमान गिरने के प्रमुख कारण
मानसून की विदाई के बाद छत्तीसगढ़ में ठंड बढ़ने के दो मुख्य कारण हैं:
1. नमी वाली हवाओं का हटना (Monsoon Withdrawal)
मानसून के दौरान, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम और गर्म हवाएं वातावरण में नमी बनाए रखती हैं, जिससे रातें गर्म रहती हैं।
कारण: मानसून की विदाई के साथ ये नमी वाली हवाएं हटने लगती हैं और आसमान साफ हो जाता है। साफ आसमान होने से धरती से निकलने वाली गर्मी (दीर्घ तरंग विकिरण) तेजी से अंतरिक्ष में वापस चली जाती है, जिसके कारण रात का तापमान गिरना शुरू हो जाता है। इसे ही ‘इंसुलेशन’ (Insulation) का हटना कहते हैं।
2. उत्तरी और उत्तर-पूर्वी शुष्क हवाओं का आगमन
यह ठंड बढ़ने का सबसे बड़ा और मुख्य कारण है।
कारण: जैसे ही मानसून उत्तर और मध्य भारत से पूरी तरह विदा होता है, हिमालय की ओर से उत्तर-पूर्वी दिशा से ठंडी और शुष्क हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बहना शुरू कर देती हैं। ये हवाएं अपने साथ पहाड़ी क्षेत्रों की ठंडक लेकर आती हैं।
प्रभाव: इन हवाओं के लगातार प्रवाह से ही छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग (जैसे अंबिकापुर, जशपुर) से लेकर मैदानी इलाकों तक न्यूनतम तापमान में तेज़ी से गिरावट आती है, जिससे कड़ाके की ठंड की शुरुआत होती है।
ठंड की तैयारी शुरू
दुकानों में अब सर्दियों के कपड़ों की मांग बढ़ने लगी है। बाजारों में स्वेटर, जैकेट और गर्म कपड़ों की बिक्री शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय हल्के गर्म कपड़े पहनें और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
किसानों और आम जनता के लिए सलाह
तापमान में यह बदलाव किसानों के लिए रबी की फसल की तैयारी शुरू करने का संकेत है। वहीं, आम नागरिकों को सुबह-शाम की हल्की ठंड से बचने के लिए अभी से हल्के गर्म कपड़े तैयार रखने चाहिए। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही मानसून विदा हो जाए, स्थानीय सिस्टम बनने से अक्टूबर के पहले सप्ताह में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इसके बाद मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा।



