कांकेर। बालोद की विधायक और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में देशवासियों से की गई अपीलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अपील ने महंगाई, पेट्रोल-डीजल और गैस संकट से जूझ रही जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो माह से देशभर के लोग डीजल, पेट्रोल और गैस संकट से परेशान हैं और महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे समय में प्रधानमंत्री जनता को राहत देने के बजाय कम उपयोग करने की सलाह दे रहे हैं।
संगीता सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों को उर्वरक का उपयोग कम करने की सलाह दी, जबकि पिछले सात वर्षों से देश में उर्वरकों की भारी कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन आज किसान महंगे उर्वरक खरीदने और पर्याप्त खाद नहीं मिलने के कारण कर्जदार हो रहे हैं तथा उत्पादकता लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक मात्र 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही सोसायटियों तक पहुंच पाया है। कुल आवश्यकता का लगभग 30 प्रतिशत ही उपलब्ध हो पाया है, जबकि 70 प्रतिशत उर्वरक अब तक नहीं पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के कामकाजी वर्ग को “वर्क फ्रॉम होम” करने और ऑफिस नहीं जाने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि फेरी लगाकर सामान बेचने वाले, मजदूरी करने वाले और फील्ड में काम करने वाले लोग घर बैठकर कैसे अपना जीवन चलाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने “आराम हराम है” का संदेश दिया था, जबकि आज प्रधानमंत्री लोगों को घर में बैठने की सलाह दे रहे हैं।
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महंगाई के कारण पहले से ही आम परिवारों का किचन बजट बिगड़ चुका है। खाद्य सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और गृहणियां पहले ही हर चीज में कटौती करने को मजबूर हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा तेल कम उपयोग करने की सलाह देना जनता की परेशानियों का मजाक उड़ाने जैसा है।
संगीता सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2013 में कांग्रेस सरकार के समय सोने की कीमत लगभग 28 से 29 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जबकि वर्ष 2026 में सोने का भाव डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में महंगाई बेतहाशा बढ़ी है और इसका असर आम महिलाओं के जीवन पर पड़ा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 70 देशों की यात्राओं पर लगभग 815 करोड़ रुपये खर्च कर चुके हैं तथा 300 से अधिक दिन विदेशों में बिता चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनता से विदेश यात्रा कम करने की अपील कर रहे हैं, जबकि स्वयं लगातार विदेश दौरों पर जा रहे हैं।
मोदी सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी वृद्धि हुई है। पेट्रोल 70 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 103 रुपये के पार पहुंच गया है, जबकि डीजल 55 रुपये से बढ़कर लगभग 97 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में पेट्रोलियम उत्पादों पर कर लगाकर जनता की जेब से लाखों करोड़ रुपये निकाले गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों, विशेषकर सरगुजा क्षेत्र में लोग पेट्रोल-डीजल संकट से जूझ रहे हैं और कमर्शियल गैस की कमी के कारण कई स्टील उद्योग बंद पड़े हैं।
बालोद विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है। बढ़ती महंगाई, टोल टैक्स, रेल किराया वृद्धि और आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी के कारण आम लोगों की आय और बचत दोनों प्रभावित हुई हैं तथा परिवार चलाने के लिए लोगों को कर्ज लेना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने क्रूड ऑयल भंडारण के लिए एक भी नया केंद्र नहीं बनाया। देश में वर्तमान भंडारण क्षमता कांग्रेस की यूपीए सरकार के समय तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि युद्ध या संकट के समय पेट्रोलियम संकट से बचने के लिए ऐसे भंडारण केंद्र बनाए जाते हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया।
संगीता सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद सबसे पहले भाजपा नेताओं, मंत्रियों और पदाधिकारियों को पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए साइकिल से चलना चाहिए तथा बड़े-बड़े काफिले बंद करने चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी से देश नहीं संभल रहा है और केंद्र सरकार वैश्विक संकट से निपटने में विफल साबित हुई है।
उक्त पत्रकार वार्ता में भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश तिवारी, जिलाध्यक्ष बसंत यादव, पुरुषोत्तम गजेंद्र, नितिन पोटाई, मिथिलेश शोरी, उदय प्रकाश शर्मा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।



