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शिक्षा के महासमर में लैलूंगा की बेटी ओजस्वी चतुर्वेदी ने रचा इतिहास 7 साल 7 महीनों किया पाँचवी पास, जहां बच्चे इस उम्र में….

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लैलूंगा , जब बच्चे ठीक से कॉपी-किताब पकड़ना सीखते हैं, वहीं अमरदीप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लैलूंगा जिला रायगढ़ में अध्ययनरत कुमारी ओजस्वी चतुर्वेदी पिता जीतेंद्र कुमार चतुर्वेदी कक्षा दूसरी की इस नन्ही होनहार छात्रा ने सिर्फ 7 साल 7 महीने की उम्र में कक्षा पांचवी पास कर ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे सुनकर शिक्षा जगत भी हैरान रह गया है।

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इतिहास रचते हुए यह छात्रा बनी प्रदेश की सबसे कम उम्र में 5वीं पास करने वाली बच्ची, और वो भी 91% अंकों के साथ!

खास बात — मिली थी विशेष अनुमति

 

इस असाधारण उपलब्धि के पीछे सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग से ली गई विशेष अनुमति भी अहम रही। ज़िला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर के वी राव ने बच्ची की प्रतिभा को पहचान कर दी परीक्षा में बैठने की विशेष अनुमति। नियमित अध्ययन और सीखने की जिज्ञासा को बनाए रखते हुए लैलूंगा जिला रायगढ़ का नाम पूरे छत्तीसगढ़ में रौशन किया है।

 

 

यूट्यूब पर भी छाई नन्ही गुरु!

 

सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, यह बच्ची आज YouTube चैनल के माध्यम से सभी विषयों पर लेक्चर देकर हजारों बच्चों को पढ़ा रही है।

कम उम्र में इतनी पकड़ और आत्मविश्वास—ये अपने आप में एक मिसाल बन चुका है।

 

 

वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी तक पहुंचे हुनर के चर्चे ~

 

इस होनहार की प्रतिभा का लोहा अब बड़े-बड़े लोग भी मान चुके हैं।

माननीय वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी द्वारा ओजस्वी चतुर्वेदी को विशेष मार्गदर्शन और आशीर्वाद भी मिल चुका है, जो इस उपलब्धि को और भी खास बना देता है।

 

बवाल सवाल — क्या अब बदलेगा शिक्षा का पैमाना?

 

पिता ने बनाया खुला आसमान प्रोजेक्ट ~

ओजस्वी चतुर्वेदी के पिता श्री जितेंद्र कुमार चतुर्वेदी व्याख्याता के पद पर लैलूंगा ब्लाक में कार्यरत है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री युवा केंद्र लैलूंगा के प्रभारी रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया करने के लिए खुला आसमान प्रोजेक्ट बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट में बच्चों की प्रतिभा और आई क्यू के आधार पर सीखने की प्रतिभा को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा ऐसा उनका मानना है। इस प्रोजेक्ट पर पहला प्रयोग अपनी बच्ची पर वह खुद कर रहे हैं। जिसका उदाहरण आप सबके सामने है। ओजस्वी चतुर्वेदी पिता जितेंद्र कुमार चतुर्वेदी वार्ड नंबर 2 जुनाडीह लैलूंगा के निवासी है।

ओजस्वी के पिताजी ने अपनी बेटी की सफलता शिक्षा विभाग को समर्पित की है और ऐसे ही प्रतिभाशाली बच्चों को आगे लाने के लिए प्रयास करने का निर्णय लिया

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