जिला पंचायत प्रतिनिधि चंद्र प्रकाश सूर्या एवं खिलावन पटेल की छवि खराब करने के लिए रची गई साजिश आपसी लेनदेन के पैसे को
मैनेजमेंट के नाम पर जोड़ा गया जबकि सत्यता यह है कि लेने वाला जिला पंचायत प्रतिनिधि है और देने वाला भी जिला पंचायत प्रतिनिधि है और दोनों गहरे दोस्त है, साथ में काम भी करते हैं, जबकि वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जब पैसा दिया जा रहा है तो सार्वजनिक जगह पर दिया जा रहा है, जो की गाड़ी स्टैंड का है और माहौल भी मजाकिया मूड का है, जबकि सामने वरिष्ठ सरपंच, साथ में वरिष्ठ नागरिक,और 5,6 पत्रकार, आसपास पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी, और बाजू में सैकड़ो की संख्या में महिलाएं पेड़ के नीचे बैठी हुई है,
क्या कोई सार्वजनिक जगह पर मैनेजमेंट वाला पैसा लेता है?
रुपए देने वाला का भी वर्जन सुने
और रुपए पाने वाला के वर्जन सुने
दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा
कुल मिलाकर यह छवि खराब करने का प्लान था
जो बिल्कुल झूठा एवं बेबुनियाद आरोप है ।
आज जिनका वर्जन मेरे द्वारा एवं जिसने मुझे पैसा दिया साथ ही साथ में चार-पांच जो वहां पर पत्रकार थे उनके साथ में वर्जन पेश करूंगा।



