The area around Lal Khadan in Mahmand is gripped by fear due to hooliganism by unruly elements.
आरोपी के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के साथ कार्यवाही कराने की मांग थाने में जुटे ग्राम वासी
मस्तूरी।लाल खदान क्षेत्र एक बार फिर अराजक तत्व की गुंडागर्दी को लेकर चर्चा में है, क्षेत्र में लंबे समय से यहां गुंडे बदमाशों का वर्चस्व रहा है, नई पंचायत महमंद द्वारा गांव को अपराध मुक्त बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कुछ अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के कारण यह मुहिम बार-बार बाधित हो रहा है.
ताजा मामला ग्राम महमंद का है वार्ड क्रमांक 6 संत नगर निवासी एवं ग्राम महमंद के पंच प्रतिनिधि रामा टंडन 10 जनवरी की शाम जानकी मेडिकल स्टोर दवा लेने पहुंचे थे, इसी दौरान इलाके का बदमाश सरोज यादव अपने साथी सोनू यादव के साथ वहां पहुंचा और बिना किसी बात के रामा टंडन के साथ गाली गलौज शुरू कर दी,
बताया जा रहा है कि नए सरपंच और पंच गांव में अपराध खत्म करने नशा मुक्त महमंद की मुहिम चला रहे हैं,जिससे बदमाश तत्व बौखलाए हुए हैं, गांव में गुरु घासीदास जयंती को लेकर लगाए जा रहे बैनर पोस्टर पर भी आरोपियों की आपत्ति थी चौक में परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी का बैनर पोस्टर लगाया गया है, गुरु घासीदास बाबा जी के बारे में भी अभद्र टिप्पणी की गई जो की बताने योग्य नहीं है.. कहा कि यह कोई संत है महात्मा है कोई भगवान है,जिसकी पूजा पाठ करते हो प्रत्यक्ष दर्शी के अनुसार आरोपियों ने अश्लील और जाति सूचक गालियां देते हुए कहा तुम लोग पंच बने हो प्रधान मंत्री नहीं, तुम्हारी सारी हेकड़ी निकाल दूंगा! इतना ही नहीं रामा टंडन और माधव साहू को गोली मारने की धमकी भी दी गई!
आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने आस्था के प्रतीक संत गुरु घासीदास बाबा जी के खिलाफ भी बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की और रामा टंडन की बॉस से पिटाई कर दी जिससे उन्हें गंभीर चोटे आई
ग्रामीणों का कहना है, कि यह पहली घटना नहीं है सरोज यादव और उनके साथी पहले भी गांव में मारपीट धमकी और आतंक फैलाने जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं तोरवा थाना में उनके खिलाफ और भी कई मामले दर्ज हैं,, उनकी हरकतों से पूरे लाल खदान क्षेत्र में डर और दहशत का माहौल है, जाति सूचक गाली गलौज और संत के अपमान को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग में भारी आक्रोश है इस मामले की शिकायत पूर्व थाने में की गई जहां पुलिस ने सामान्य धारा में अपराध दर्ज कर लिया लेकिन ग्रामीणों का आरोप है, कि बार-बार आग्रह के बावजूद आरोपियों के खिलाफ इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की जा रही थी, इसे लेकर गांव में नाराजगी बढ़ती जा रही है, ग्राम महमंद के सभी पंच सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण एक बार फिर तोरवा थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट लगाने उनके नाम उन्हें गुंडा सूची में शामिल करते हुए अपराध पंजीकृत किया जाए तथा सख्त कार्रवाई की मांग की.
ग्रामीणों का कहना है कि जब खुलेआम गुंडागर्दी हो रही है और वह गुरु घासीदास बाबा जी जैसे महान संत का अपमान किया जा रहा है तो आरोपियों को कानून का डर क्यों नहीं दिखाया जा सकता अब इस पूरे मामले में तोरवा थाना क्या संज्ञान लेते हैं यह देखना होगा.. पुलिस कब और किस तरह की त्वरित व सख्त कार्रवाई करती है, गांव में शांति व्यवस्था कैसे कायम रहती है, यह शासन प्रशासन की जिम्मेदारी तय करेगा..




