The Developed India G. Ram Ji scheme has brought smiles back to the faces of the laborers.
125 दिन की मजदूरी से खुले रोजगार के नए आयाम
उत्तर बस्तर कांकेर 17 जनवरी 2026/ जिले के विभिन्न विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में संचालित कार्यस्थलों पर इन दिनों ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के अंतर्गत सघन जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार ग्रामीणों एवं श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही योजना के उद्देश्य, लाभ एवं नवीन प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
इस दौरान श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए कार्यस्थलों पर फूलों से आकर्षक रंगोली सजाई। साथ ही ग्रामीणों एवं मजदूरों द्वारा रैली निकाली गई तथा भव्य मानव श्रृंखला बनाकर शासन की इस जनकल्याणकारी योजना के प्रति एकजुटता और समर्थन प्रदर्शित किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को योजना के लाभों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी ने योजना के नवीन प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ के अंतर्गत अब श्रमिकों को 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही योजना में आजीविका संवर्धन से जुड़े विभिन्न कार्यों को भी सम्मिलित किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए 07 दिवस के भीतर अनिवार्य मजदूरी भुगतान का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए वर्षा ऋतु में खेती-किसानी के दौरान 02 माह तक कार्य बंद रखने की सुविधा भी प्रदान की गई है। योजना में किए गए इन महत्वपूर्ण परिवर्तनों एवं नए प्रावधानों से श्रमिकों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। सीईओ श्री मंडावी ने आगे बताया कि मापदंडों के अनुरूप ग्राम पंचायतों को ए, बी एवं सी श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं अथवा असाधारण परिस्थितियों से निपटने हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे 2047 तक विकसित ग्राम पंचायत निर्माण की परिकल्पना को साकार किया जा सके। इसके अंतर्गत अकुशल श्रमिकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आजीविका से जोड़ा जाएगा तथा उनके कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, स्पेटियल टेक्नोलॉजी आधारित योजना निर्माण, मोबाइल एवं डैशबोर्ड आधारित निगरानी तथा साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण प्रणाली लागू की जाएगी।



