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संस्करण की कॉपी हुई नीलाम, भारतीय संविधान के पहले , 48 लाख में बिकी पहली प्रति

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Copy of the first edition was auctioned, first copy of Indian Constitution sold for Rs. 48 lakh

भारत के संविधान का पहला संस्करण जिसे एक देश का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज माना जाता है. मंगलवार (30 जुलाई) को इसकी नीलामी 48 लाख रुपये में हुई है. साल 1950 में तैयार हुए इस संस्करण में संविधान के निर्मताओं के हस्ताक्षर, प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा लिखे गए सुलेख और नंदलाल बोस की बनाई गई चित्रण शामिल हैं.
आपको बता दें कि मंगलवार(30 जुलाई) को सैफरनआर्ट द्वारा की गई नीलामी में भारत की विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया. जिनमें कई दस्तावेजों की नीलामी हुई. इस नीलामी में संविधान एक प्रमुख आकर्षण बन गया था.

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संविधान की प्रति में निर्माताओं के पेंटेड हस्ताक्षर

संविधान की पहली प्रति में संविधान के निर्माताओं के पेंटेड हस्ताक्षर हैं. इसमें प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा सुलेखन और प्रख्यात आधुनिक कलाकार नंदलाल बोस द्वारा चित्रकारी भी शामिल है. 24 से 26 जुलाई की तीन दिवसीय ऑनलाइन नीलामी में संविधान की पहली प्रति की ब्रिकी की गई. इस नीलामी में भारतीय इतिहास, कला, साहित्य तथा फोटोग्राफी की सदियों पुरानी वस्तुएं भी शामिल हैं.

इस नीलामी को लेकर सफरनआर्ट के सह-संस्थापक मीनल वजीरानी ने कहा कि प्रत्येक भाग भारत की विरासत के दस्तावेज के रूप में बहुत अधिक ऐतिहासिक महत्व रखता है. अंबेडकर द्वारा तैयार संविधान के ब्लूप्रिंट पर 1946 की संविधान सभा के 284 सदस्यों के हाथ के निशान हैं, जिनमें लेखिका कमला चौधरी के हिंदी हस्ताक्षर और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के अंग्रेजी हस्ताक्षर शामिल हैं.

तीन दिन तक चला ऑनलाइन ऑक्शन

ये 24 से 26 जुलाई तक सैफ्रोनार्ट की तीन दिवसीय ऑनलाइन नीलामी का हिस्सा थी, जिसमें भारतीय इतिहास, कला, साहित्य और सदियों से चली आ रही प्राचीन वस्तुओं को रखा गया था।
सैफ्रोनार्ट की सह-संस्थापक मीनल वजीरानी ने इसको लेकर कहा, “अपने सौंदर्यशास्त्र के अलावा, प्रत्येक वस्तु भारत की विरासत के दस्तावेजीकरण के रूप में अत्यधिक ऐतिहासिक मूल्य रखती है। अंबेडकर की तरफ से तैयार किए गए संविधान के ब्लू प्रिंट पर 1946 की संविधान सभा के 284 सदस्यों के हाथों के निशान हैं, जिसमें लेखिका कमला चौधरी के हिंदी हस्ताक्षर और तत्कालीन प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू के अंग्रेजी हस्ताक्षर भी शामिल हैं।

शीट पर कोड लिखने में लगे छह महीने

बता दें कि रामपुर स्थित सुलेखक रायजादा को प्रिंटिंग और स्टेशनरी के नियंत्रक की तरफ से आपूर्ति किए गए हस्तनिर्मित मिलबोर्न लोन पेपर की शीट पर देश को नियंत्रित करने वाले कोड लिखने में नवंबर 1949 से अप्रैल 1950 तक छह महीने लग गए। इस काम के लिए उन्हें 4,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया।

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