Home Blog स्व-सहायता समूहों की प्रेरणादायी कहानियों ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता का उत्साह

स्व-सहायता समूहों की प्रेरणादायी कहानियों ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता का उत्साह

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Inspirational stories of self-help groups boost the spirit of self-reliance

जिले की 1 लाख 25 हजार से अधिक दीदियों ने सुनी “दीदी के गोठ”

Ro.No - 13759/40

रायगढ़ / छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और महिलाओं की सफलता की कहानियों को साझा करने के उद्देश्य से “दीदी के गोठ” रेडियो कार्यक्रम का चौथा एपिसोड आज दोपहर 2 बजे से आकाशवाणी के सभी केन्द्रों से प्रसारित किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री सह पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा की प्रेरक पहल पर प्रारंभ यह राज्य स्तरीय रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त करने का प्रभावी माध्यम बन गया है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी प्रेरणादायी सफलता की कहानियां साझा कीं, जो अन्य समूहों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगी। इन कहानियों के माध्यम से बिहान से जुड़ी महिलाओं के नवाचार, आजीविका संवर्धन के प्रयास और उपलब्धियों की जानकारी पूरे प्रदेश में पहुंचाई गई। सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में “दीदी के गोठ” कार्यक्रम का प्रसारण सभी 7 ब्लाक के 28 संकुल स्तरों पर किया गया। इस दौरान समूहों की महिलाएं एकत्र होकर कार्यक्रम को सुनीं और उससे प्रेरणा प्राप्त की। जिले की लगभग 1 लाख 25 हजार से अधिक दीदियों ने 12,500 स्व-सहायता समूहों एवं 730 ग्राम संगठनों के सहयोग से इस कार्यक्रम को जिले के कोने-कोने तक पहुंचाया। ‘दीदी के गोठ’ न केवल स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के कार्यों को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता की दिशा में नई ऊर्जा दे रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं की सशक्त आवाज बनकर उभर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समग्र विकास की कहानी में एक नया अध्याय जोड़ रही है।

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